
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- गुरजीत सोनू। गवर्नमेंट टीचरज़ यूनियन पंजाब जिला होशियारपुर की एक अहम मीटिंग जिला प्रधान प्रिंसिपल अमनदीप शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक के बारे में संगठन के महासचिव जसवीर तलवाड़ा ने बताया कि बैठक में सबसे पहले पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय कर्मचारी नेता साथी वेद प्रकाश को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद वक्ताओं ने कहा कि आज पंजाब के अध्यापकों के सामने ऑनलाइन जैसी कई समस्याएं हैं,जैसे एसीआर ऑनलाइन की समस्या, मिशन समर्थ की टेस्टिंग , सीईपी के पेपर फोटो स्टेट करवाने के साथ-साथ तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन करने , मिड -डे -मील का रोजाना संदेश, बीएलओ ड्यूटी , पुस्तकों की मांग और ऑनलाइन करने का कार्य, यू-डाइस का कार्य,ई-पंजाब पर वर्दीयों की अपडेट करने का कार्य भी चल रहा है। सबसे बड़ी त्रासदी उन प्राइमरी अध्यापकों की है, जो सिंगल टीचर हैं और वे बीएलओ ड्यूटी पर हैं और उनके स्कूलों में वैकल्पिक प्रबंध चल रहा है।

उन्होंने मांग की कि अध्यापकों को बीएलओ सहित सभी तरह गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए। अंत में बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान प्रिंसिपल अमनदीप शर्मा ने कहा कि पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर साँझा फ्रंट द्वारा अपनी मांगो के प्रति पंजाब सरकार के नकरात्मक रवैये के विरोध में चंडीगढ़ में 3सितंबर को होने जा रही रोष रैली व साथ ही विधान सभा की तरफ मार्च में जिले से सैकड़ों अध्यापक भाग लेंगे।इसके अलावा उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को रूपनगर में जी टी यू के प्रांतीय इजलास में भी जिले से बड़ी संख्या में अध्यापक भाग लेंगे।उन्होंने शिक्षा मंत्री से अध्यापकों के मुद्दों को हल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की। इस बैठक में सुनील कुमार, प्रितपाल सिंह चौटाला, लेक्चरर अमर सिंह, लेक्चरर उपिंदर सिंह, विकास शर्मा, संजीव धूत, प्रिंस गढ़दीवाला, लेक्चरर हरविंदर सिंह, नरेश कुमार मिड्डा , चमन लाल, अमरजीत सिंह, परस राम, बलविंदर सिंह,राजेश अरोड़ा, उमेश कुमार, सरबजीत सिंह, नरिंदर मंगल, सचिन कुमार, जसविंदरपाल, राज कुमार, संदीप कुमार, लेक्चरर प्रभजोत सिंह, रणवीर सिंह, सतविंदर सिंह, परमजीत सिंह, लेक्चरर पवन कुमार गोयल, अश्वनी कुमार, नरिंदर सिंह, मास्टर अशोक कुमार, गुरप्रीत सिंह, अमनप्रीत सहोता, पवनदीप चौधरी, तिलक राज, रजत महाजन, बलविंदर सिंह समेत बड़ी संख्या में अध्यापक मौजूद थे।











