
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब सरकार से विभिन्न विभागों की फाइलें मांगी है। इनमें अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों, सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भर्तियों और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले शामिल हैं। सीबीआई ने पांच आरोपितों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, जबकि घुम्मन अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने पांच अक्टूबर को राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अन्य आरोपितों में नितिन गोहल, जितिन गोहल, डा रोमी महाजन, बीर देविंदर और खन्ना के कारोबारी आरएस नागरा शामिल हैं। इसके बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआई ने 12 अक्टूबर को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों से संबंधित रिकार्ड मांगा था। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है, जबकि कुछ विभाग अभी रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। सीबीआई ने वर्ष 2024 की खाद्यान्न श्रम एवं ढुलाई नीतियों और वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 की तबादला नीतियों से संबंधित फाइलें मांगी हैं।

इसके अलावा सरकार की ओर से अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों से जुड़े फैसलों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। एजेंसी वेरका की ओर से एसएपी साफ्टवेयर के उपयोग के लिए खरीदे गए लाइसेंस, एसएपी के साथ हुए समझौते की शर्तों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में वितरकों को बदलने से जुड़े फैसलों की भी जांच कर रही है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के न्यू खन्ना सिटी एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में हाईटेक डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के कार्य से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से आरकेएम हाउसिंग लिमिटेड से जुड़ी फाइलें और चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजेज को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से दी गई मंजूरी का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। जीरकपुर स्थित एस्कान प्रिमेरा ग्रुप हाउसिंग परियोजना की फाइलें भी मांगी गई हैं। सीबीआई ने पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक नगर योजनाकारों की भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कुछ मामलों की फाइलें भी तलब की हैं।
जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में घुम्मन की ओएसडी के रूप में नियुक्ति से संबंधित फाइल भी मांगी है। इसके साथ ही जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में नियुक्त करने से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। एजेंसी ने पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया और मुख्यमंत्री के एक अन्य ओएसडी डा रोमी राजा महाजन सहित कुछ लोगों के हथियार लाइसेंस आवेदनों से जुड़ी फाइलें भी मांगी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सरकारी नीतियों और फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने या उनमें हेरफेर करने के आरोपों की पड़ताल की गई थी। सीबीआई अब इस मामले में कुछ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों के बीच कथित बातचीत और चैट के आधार पर कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। सीबीआई की प्राथमिकी को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिकी पर रोक लगाने या जांच रोकने से इन्कार करते हुए सोमवार को एजेंसी को कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद ईडी ने भी सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर घुम्मन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। सीबीआई को चार दिसंबर तक हाई कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपनी है।











