Wednesday, October 21, 2026
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टौणी देवी में बेटियों को सशक्त बनाने के आह्वान के साथ ही 7 दिवसीय विशेष शिविर का समापन

हमीरपुर  (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी में 7 दिवसीय विशेष शिविर का समापन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लास से किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सशक्त बनाना और समाज में जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि वैशाली शर्मा, जोकि विकास खंड अधिकारी के पद पर टौणी देवी में कार्यरत हैं, ने अपने संबोधन में स्वयंसेवकों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, एक अच्छे और स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। यदि जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना है, तो अपने लक्ष्यों का निर्धारण करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए दिन-रात एक कर दें।  शिविर के समापन दिवस पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने लोकगीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से बेटियों के अधिकार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिए। शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए कई जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, और महिला सशक्तिकरण पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

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इसके अलावा, आत्म-प्रेरणा के महत्व पर सत्र आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी गई।  शिविर के दौरान दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मठ स्वयंसेवकों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि वैशाली शर्मा ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में ऐसे शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने ज्ञान और अनुभवों को समाज में फैलाएं और बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में काम करें। कार्यक्रम अधिकारी विजय कुमार और रीता बाली के मार्गदर्शन में इस शिविर को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। दोनों अधिकारियों ने कहा कि शिविर ने बच्चों में आत्म-विश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया है।

उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा सके।  इस शिविर ने न केवल विद्यार्थियों को आत्म-निर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा दी, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सशक्तिकरण अभियानों के माध्यम से छात्राओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। 7 दिवसीय इस विशेष शिविर ने बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस प्रकार के शिविर न केवल विद्यार्थियों को नई दिशा दिखाते हैं, बल्कि समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा भी देते हैं।

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