
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अज्जोवाल में बच्चों को पर्यावरण की संभाल संबंधी जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर लेक्चरर उपेंद्र सिंह, सुकृति कश्यप, कुलविंदर कौर, अंजू सिंह मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित हुए। इस दौरान कुलविंदर कौर तथा सुकृति कश्यप ने कहा कि दुनिया के ज़्यादातर क्षेत्र पर्यावरण प्रदूषण की बेहद गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रदूषण कई अलग-अलग रूपों में दिखाई देता है, जिसमें वायु, जल, मिट्टी, ध्वनि प्रदूषण आदि शामिल हैं। जिससे पर्यावरण की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ रहा है।वनों की कटाई से कार्बन डाई ऑक्साइड गैस को अवशोषित करने की क्षमता समाप्त हो जाती है।

खनिजों, तेल आदि के दोहन से भूमि और जल पर्यावरण प्रदूषित होता है।साफ नीले आसमान की जगह धीरे-धीरे घने कोहरे ने ले ली, खास तौर पर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में। वाहनों, कारखानों, संयंत्रों आदि से निकलने वाले धुएं के मिलने से हवा में महीन धूल की परत बन जाती है, जिससे दृश्यता सीमित हो जाती है और आसमान धूसर हो जाता है।दूषित पानी से त्वचा या आंखों में जलन भी हो सकती है। जहरीले पदार्थ कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं, अस्थमा और निमोनिया जैसी श्वसन समस्याओं से लेकर कैंसर जैसी अधिक गंभीर समस्याओं तक।
अंजू सिंह, उपेंद्र सिंह तथा अर्चना ने कहा कि जब पर्यावरण प्रदूषित होता है, तो पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कई नकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। विषैले पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे जैव-विघटन होता है और जैव विविधता कम हो जाती है। खराब पारिस्थितिकी तंत्र सामग्री और ऊर्जा चक्रों को प्रभावित करते हैं, जिससे नवीकरणीय क्षमता और संसाधन उपलब्धता कम हो जाती है, और वैश्विक जैव विविधता का नुकसान होता है।पर्यावरण में लगातार हो रहे गंभीर बदलावों के बीच पर्यावरण प्रदूषण की समस्या एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। यह सिर्फ किसी व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं। पर्यावरण संरक्षण एक अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि यह पृथ्वी पर सभी जीवित चीजों के जीवन और विकास से सीधे जुड़ा हुआ है। पर्यावरण हमें न केवल सांस लेने के लिए ताजी हवा और पीने के लिए साफ पानी प्रदान करता है, बल्कि जंगल, घास के मैदान, नदियाँ, झीलें और समुद्र जैसे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन भी प्रदान करता है। इसके अलावा, पर्यावरण को संरक्षित करने से प्राकृतिक आपदाओं, सूखे और जलवायु परिवर्तन को कम करने, बेहतर रहने का माहौल बनाने में भी मदद मिलती है। इस मौके पर हरमीत कौर, रणजीत कौर, अर्चना, काजल, भी मौजूद थे।












