
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के C & V पीटीआई, ड्राइंग अध्यापकों को हाल ही में जारी किए गए स्पीकिंग ऑर्डर से अध्यापक समुदाय में गहरी निराशा देखने को मिल रही है। अध्यापक यूनियन का आरोप है कि सरकार इन अध्यापकों को साजिश के तहत परेशान कर रही है। अध्यापक यूनियन ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कैबिनेट मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा। यूनियन का कहना है कि स्पीकिंग ऑर्डर के जरिए इन अध्यापकों को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उनके अधिकारों का भी हनन हो रहा है। यूनियन के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने कहा कि यह ऑर्डर पूरी तरह अनुचित है और इससे अध्यापकों को अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है। यूनियन के सदस्यों ने बताया कि C & V अध्यापक के लिए किए गए नए ऑर्डर से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। अध्यापक यूनियन ने इसे ‘साजिश’ करार देते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

डाक्टर रवजोत को सौंपे गए मांग पत्र में यूनियन ने स्पीकिंग ऑर्डर को तुरंत रद्द करने, अध्यापकों के अधिकारों की सुरक्षा करने और उनके वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।यूनियन के अनुसार, अध्यापकों का यह संघर्ष सिर्फ उनके व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं है, बल्कि छात्रों की शिक्षा और राज्य के शिक्षा स्तर को बनाए रखने के लिए है। अध्यापक समुदाय ने सरकार से अपील की है कि वह उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और तुरंत ठोस कदम उठाए।
C & V अध्यापकों के प्रति सरकार की उदासीनता को लेकर अध्यापक समुदाय में गुस्सा है। यूनियन का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे। इस अवसर परकश्मीरा सिंह बूथगढ़ मुख्य सलाहकार, हरबंस सिंह एसीटी, हरकमल सिंह एसीटी, राम सिंह पीटीआई, जितिंदर सैनी एसीटी, जगदीश सिंह पीटीआई, परमजीत सिंह पीटीआई, मुकेश कुमार एसीटी, राजेश कपूर इत्यादि उपस्थित थे।












