
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। बंगलादेश सरकार हिंदुओं पर अत्याचार कर रही है। मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। महिलाओं का अपमान किया जा रहा है। इन दिनों विशेषकर इस्कान के मंदिरों और साधु संतों पर प्रहार किया जा रहा है। यह ठीक है कि दुनिया के अनेक देशों में इस्कान समेत भारत के बहुत से धार्मिक समुदायों के मंदिर मठ कथा, भजन, कीर्तन इत्यादि हैं, पर अब हमें सबक लेना चाहिए। केवल शास्त्रों से, माला से, लंगर या कीर्तन से काम नहीं चलने वाला। जितने इस्कान के शिष्य पूरी दुनिया में हैं अगर उनको शस्त्र धारी भी बनाया होता तो हिंदुओं की यह दुर्गति न होती। भारत के सभी शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, जैन संत, बौद्ध संत तथा अन्य जितने भी संप्रदाय हैं वे एक मंच पर इकट्ठे हों तथा धार्मिक जगत को यह आदेश दें कि अब माला के साथ भाला भी अपनाओ।

सोमनाथ मंदिर की दुर्घटनाओं से हमने सबक नहीं सीखा। बंगलादेश का दुखांत तो ताजा ताजा है। शंकराचार्य जी से अपील है कि वे हर मंदिर, मठ, साधु संतों के डेरों और सभी धार्मिक समुदायों को यह आज्ञा दें कि उनके यहां पूर्व सैनिक सुरक्षा के लिए रखे जाएं। नई पीढ़ी के भक्तों को भक्ति के साथ शक्ति की शिक्षा दें और सभी को हथियारबंद बनाएं। अगर इस्कान जैसे विशाल संगठनों के पास जो युवा शक्ति है वह हिंदू शक्ति के रूप में तैयार हो जाए तभी देश और समाज का भला हो सकता है। एक बात मुझे विशेष कहनी है कि इस्कान पूरी दुनिया में श्रीमद्भागवत गीत का प्रचार कर रहा है, लेकिन गीता में जो श्रीकृष्ण जी का संदेश है उसे अब प्रैक्टिकल रूप देने का समय आ गया है, केवल थ्योरी नहीं।












