Wednesday, October 28, 2026
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घास के नीचे खैर की लकड़ीः मिलीभगत की बू, अधिकारी रहे मौन, राजनेता व बड़े अधिकारी की आशीष के चर्चे

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। गांव डाडा की पंचायत एवं निवासियों ने गत रात्रि गांव के जंगल से अवैध रुप से काटी गई खैर की लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ा। खैर की लकड़ी को ट्राली में घास के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था कि लोगों ने उसे पकड़ लिया और जब घास हटाकर देखा तो उसके नीचे खैर की लकड़ी थी। जिस पर गांव निवासी भड़क गए और उन्होंने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। वन विभाग को जब इसका पता चला तो आज शाम तक मामले में कुछ भी कहने से अधिकारी वर्ग बचता रहा तथा दूसरी तरफ पुलिस भी मामले में वन विभाग के इशारे का इंतजार करता रहा।

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जानकारी अनुसार गांव निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार वन विभाग, पुलिस एवं मुख्यमंत्री तक इस बात की शिकायत की कि उनके जंगल से अवैध रुप से खैर का कटान करके लकड़ी चोरी की जा रही है। जिसमें एक राजनेता के आशीर्वाद व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत शामिल है की पूरी आशंका है तथा यह खेल काफी समय से खेला जा रहा है। लेकिन उनकी किसी ने एक न सुनी और इसके बाद उन्होंने खुद ध्यान रखना शुरु किया तथा गत रात्रि एक ट्राली उनके हत्थे चढ़ गई। जिसे सभी के सामने खंगाला गया। लोगों ने बताया कि ट्राली को घास (घास एवं बगड़) आदि से इस प्रकार भरा गया था कि देखने वाले को किसी भी तरह से शक पैदा न हो। लेकिन जब उन्होंने घास को हटाया तो वह नीचे खैर की लकड़ी देखकर हैरान रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग और राजनेताओं की शह पर उनके लोग कथित मिलीभगत करके खैर की चोरी करके अपनी तिजौरियां भर रहे हैं, जिसकी गहनता से जांच बहुत जरुरी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार एक विधायक के खासमखास लोग इसमें शामिल हैं और उनके द्वारा लंबे समय से यह सारा खेल खेला जा रहा था तथा राजनीतिक एवं विभाग के  एक बड़े अधिकारी की शह पर लकड़ी की चोरी की जा रही थी। जिसका भांडा लोगों ने फोड़ दिया। इस घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी मीडिया से बात करने से कतराते रहे, किसी ने फोन नहीं उठाया तो किसी अधिकारी ने बैठक में होने का संदेश भेजते हुए बाद में बात करने की बात कह कर अपने फर्त की इतिश्री कर डाली। अधिकारियों के रवैये से लग रहा था कि मामले में कुछ तो झोल है। जिसे लेकर सभी बयानबाजी से बचते रहे।

खैर, अब यह खैर की लकड़ी कौन लेकर आया, किसकी मिलीभगत से लेकर आया और इसके पीछे असल लोग कौन हैं, यह तो गहन जांच का विषय है, लेकिन इतना जरुर है कि मामले को घुमाने के प्रयास होते रहे तथा असल को बचाने के लिए नकली को खड़ा करने की कवायद होती रही। खबर लिखे जाने तक भी मामले में क्या कार्यवाही हुई के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई थी। हमारा प्रयास रहेगा कि हम इस मामले में हुई कार्यवाही संबंधी आपको सुबह यानि 25 जनवरी को जरुर अपडेट करेंगे।

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