
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। प्रशासनिक सुधार विभाग मामले पर आम आदमी पार्टी (आप) ने विपक्ष पर पलटवार किया है। पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेताओं की आलोचना की और कहा कि वे लोग बेवजह इस मामले को मुद्दा बना रहे हैं। आप पंजाब के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह डिपार्टमेंट 1994 में शुरू हुआ। यह ”एलोकेशन ऑफ़ बिज़नेस रूल 1994” के अंतर्गत शुरू से अस्तित्व में आया था। 2018 में यह मंत्रालय उस वक्त के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास था। इसलिए इस विभाग के कभी अस्तित्व में न होने की बात बिल्कुल बेतुका और झूठी है। नील गर्ग ने कहा कि विपक्ष आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के मकसद से जानबूझकर इस मामले को तूल दे रहे हैं, जबकि इस तरह का मामला कोई नया नहीं है। केन्द्र और राज्य की सरकारों ने कई बार अपने विभिन्न विभागों को खत्म किया है।

भाजपा की सरकार के समय एक ‘डिसइनवेस्टमेंट’ मंत्रालय हुआ करता था जिसे यूपीए सरकार ने बाद में बंद कर दिया क्योंकि उन्हें उस वक्त उस विभाग की जरूरत महसूस नहीं हुई। मान सरकार ने भी इसी तरह प्रशासनिक सुधार विभाग को खत्म करने का नोटिफिकेशन जारी किया है क्योंकि इससे संबंधित काम के लिए सरकार का ”गवर्नेंस रिफॉर्म डिपार्मेंट” काम कर रहा है। इसलिए सरकार को अब इस विभाग की जरूरत नहीं है। नील गर्ग ने विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा, विक्रम मजीठिया और कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग पर हमला बोला और कहा कि इस तरह के बेतुके मामले उठाने के बजाय जनता के मामले उठाएं।












