
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। साधन आश्रम मॉडल टाउन के संस्थापक सदगुरुदेव चमन लाल जी महाराज का दो दिवसीय 108वा जन्म उत्सव महोत्सव आज योग साधन आश्रम में शुरू हुआ। हवन यज्ञ के उपरांत भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि सदगुरुदेव चमन लाल जी महाराज का जन्म 1917 में कश्मीर में हुआ। उनको बचपन से ही अपने गुरु की तलाश थी। इसके लिए उन्होंने निरंतर संघर्ष किया और आखिरकार एक दिन उन्होंने अपने ईष्ट सतगुरु देव स्वामी मुलख राज जी की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि जब भी भगवान किसी जीव को संसार में भेजता है तो उसके साथ अविद्या अर्थात अंधकार भी साथ में ही भेजता है। क्योंकि ईश्वर चाहता है कि जीव संसार के अनुभव को प्राप्त करते हुए उसकी तरफ आए ताकि उसे ठीक और गलत मार्ग का पता चल सके।

उन्होंने कहा कि गुरु अपने शिष्य को अंधकार से उजाले की तरफ ले जाता है। अपने सतगुरु की तलाश में चमन लाल जी महाराज बाल्यावस्था में साधु आश्रम भी आए थे। लेकिन जहां से घर वाले उन्हीं वापस ले गए। फिर उन्होंने लाहौर में रहते हुए गुरु की तलाश जारी रखी और आखिरकार अपनी मंजिल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि गुरु कभी भी अपने शिष्य को अपने चरणों से अलग नहीं करता। इसी तरह स्वामी मुलख राज जी महाराज भी उन्हें अपने पास बुलाते रहते थे और आश्रम के कई महत्वपूर्ण दायित्व उन्हें सौंपते थे। क्योंकि वह चाहते थे कि कहीं उनका शिष्य भटक न जाए। उन्होंने कहा कि पूर्ण सतगुरु की प्राप्ति ईश्वर की कृपा से ही प्राप्त होती है।












