Wednesday, October 21, 2026
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होशियारपुर में ईद-उल-फितर की नमाज़ के साथ मानवता और हमदर्दी का संदेश

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होशियारपुर के कनक मंडी क्षेत्र में स्थित अहमदिया मस्जिद में आज सुबह ईद-उल-फितर की नमाज़ बड़े उत्साह के साथ अदा की गई। नमाज़-ए-ईद का नेतृत्व मौलवी मोहम्मद तल्हा इंडोनेशिया ने किया। इसके बाद अहमदिय्या जमात के जिल्ला प्रधान शेख मन्नान ने उपस्थित लोगों को ईद का संबोधन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मानवता के प्रति सहानुभूति और हमदर्दी सबसे बड़ी इबादत है, जो अल्लाह की प्रसन्नता हासिल करने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। यह विचार हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी के कथन पर आधारित है। रमज़ान का पवित्र महीना अपनी बरकतों के साथ समाप्त होने के बाद ईद-उल-फितर का उत्सव शुरू होता है, जिसमें मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हुए खुशियाँ मनाते हैं। शेख मन्नान ने कहा कि यह पर्व शांति, सहानुभूति, गरीबों की सेवा और मानवता के प्रति प्रेम जैसे गुणों को बढ़ावा देता है, जो रमज़ान की शिक्षाओं से हमें प्राप्त होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रमज़ान के दौरान मिली सीख और नेमतों को हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। ईद का दिन इन बरकतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो हमारे जीवन में अनगिनत खुशियाँ लेकर आता है। इस्लाम की शिक्षाओं की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए शेख मन्नान ने कहा कि इसमें अल्लाह के अधिकारों को पूरा करने के साथ-साथ उसकी सृष्टि की सेवा करने का भी निर्देश दिया गया है। मानवता के प्रति सहानुभूति और सदक़ा-ए-फितर जैसे दान को हर मुसलमान के लिए अनिवार्य बनाया गया है, ताकि गरीब और जरूरतमंद भी ईद की खुशियों का हिस्सा बन सकें।

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उन्होंने कहा, “एक मुसलमान की सच्ची ईद तभी संपूर्ण होती है, जब वह अपनी खुशियों को जरूरतमंदों के साथ साझा करता है।” जमाअत अहमदिया के संस्थापक हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद साहिब के कथन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मानवता के प्रति हमदर्दी सबसे बड़ी इबादत है और यह अल्लाह की रज़ा प्राप्त करने का सबसे अच्छा रास्ता है।” इसके साथ ही, जमाअत अहमदिया के रूहानी खलीफा हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद साहिब के ईद से संबंधित संदेश को भी साझा किया गया। उन्होंने फरमाया, “ईद का दिन केवल उत्सव मनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह अल्लाह द्वारा दी गई ज़िम्मेदारियों को सामान्य दिनों से भी अधिक लगन के साथ पूरा करने का अवसर है। हमें अपनी इबादत के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों का भी ध्यान रखना चाहिए।” अहमदिया मुस्लिम जमाअत भारत ने ईद के इस पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और देश की एकता, अखंडता, प्रगति और शांति के लिए विशेष दुआ की। इसके बाद सब ने एक दूसरे से मिलाकर ईद की मुबारक बाद दी.इस मौके पर बलजीत ननहार, शमशेर खान, सद्दाम हुसैन, वलीद अहमद, रुस्तम, रब्बान  सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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