
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), राकेश भार्गव। सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन द्वारा युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए ब्लैक आउट मॉक ड्रिल के तहत 10 मिनट के लिए घर सहित समस्त प्रतिष्ठानों की बिजली बंद रखने की हिदायतें जारी की गईं थी तथा इस दौरान सड़कों पर दौड़ते वाहनों की लाइटें भी एक तरफ खड़ा करने को कहा गया था।

लेकिन इन हिदायतों की अनदेखा करते हुए कई लोग जहां सड़कों पर दनदनाते पाए गए वहीं कई दुकानों के आगे तथा उनके द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की लाइटें भी जगती हुई पाई गईं जोकि युद्ध जैसी स्थिति में दुश्मन के लिए आसान लक्ष्य हो सकता है। ऐसे में लोगों को जहां और सजग एवं जिम्मेदार नागरिक होने का प्रमाण देने की जरुरत है वहीं सरकारी अधिकारियों को भी और गंभीरता से हिदायतों की पालना हेतु कदम उठाने होंगे।
इतना ही नहीं एक तरफ जहां अधिकतर नागरिकों ने इस मॉक ड्रिल में पूरी गंभीरता से सहभागिता दिखाई वहीं कुछेक सरकारी विभागों द्वारा गंभीरता दिखाई जानी जरुरी नहीं समझी गई। जिसका ज्वलंत उदाहरण शहर के मोहल्ला रुप नगर में लगे बीएसएनएल के टाबर पर देखने को मिली, जिसकी ब्लैक आउट दौरान लाइटें जलती हुई पाई गईं तथा लाइटें इतनी तेज थीं कि अगर युद्ध के हालातों में ऐसा होता है तो यह दुश्मन के लिए आसान टारगेट हो सकता है, जो बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। इसलिए प्रशासन को सरकारी कार्यालयों एवं अधिकारियों के साथ भी सख्ती से निपटने की जरुरत है ताकि उनकी जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण न बन सके।












