
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए देश में अघोषित इमरजेंसी लगा दी थी जिसके विरोध में हर साल भारत का इसे काला दिवस के रूप में मनाती आ रही है आज 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जिला अध्यक्ष निपुण शर्मा के अध्यक्षता में जिला भाजपा कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना उपस्थित रहे।

खन्ना ने उस काले दौर को याद करते हुए आपातकाल को काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को रौंदा गया। 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर देश में आपातकाल थोप दिया था। यह निर्णय किसी युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं अपने चुनाव को रद्द किए जाने और सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया था। कांग्रेस पार्टी ने इस काले अध्याय में लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा, प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया।
उन्होंने कहा कि जब जब कांग्रेसी संकट में होते है, तो वह संविधान और देश की आत्मा को ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि आज 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है। आज भी सिर्फ तरीकों का बदलाव हुआ है। नीयत आज भी कांग्रेस की वैसी ही तानाशाही वाली है। उन्होंने कहा कि मार्च 1971 में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बावजूद इंदिरा गांधी की वैधानिकता को चुनौती मिली। उनके विपक्षी उम्मीदवार राज नारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव को भ्रष्ट आचरण और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आधार पर चुनौती दी। 12 जून 1975 को कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया। उन्हें 6 वर्षों तक किसी भी निर्वाचित पद पर रहने से अयोग्य करार दिया। इसके बाद राजनीतिक अस्थिरता तेजी से बढ़ी। आज की युवा पीढ़ी को यह जरूर बात समझनी चाहिए कि किस तरह से संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस पार्टी संविधान की कितनी बार हत्या कर चुकी है।
इस मौके प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विजय सूद, अवतार सिंह कंग,प्रेम बजाज, महिंदरपाल धीमान,अनिल जैन,तरसेम मोदगिल,अमरीक कुमार, संतोष वशिष्ठ,रजनी सैनी,सुनीता,सीमा रानी,आशा, अनमोल आदि उपस्थित थे।












