
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़)। बरसात शुरू होते ही एनएच 3 निर्माण कर रही कंपनी की सांसे फूलना शुरू हो गई है। काम में लेट लतीफी और गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही विवादों में रही गावर एवं सूर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी जहां लोगों के आक्रोश का सामना कर रही है वहीं लोगों की बढ़ती दिक्कतें जिम्मेवार अधिकारियों, पॉलिटिशियंस एवं निरीक्षण एजेंसियों पर भी सवाल उठा रही है। करीब साढ़े तीन साल से बन रहे हमीरपुर से मंडी नेशनल हाईवे के कई हिस्से खतरनाक रूप धारण कर चुके हैं। पाड़छू पुल गिरने और अवैध डंपिंग को लेकर निर्माण कंपनी पहले ही लोगों के निशाने पर है। ऐसे में अब कोट से लेकर आवाहदेवी तक नेशनल हाईवे निर्माण कंपनी की इंजीनियरिंग की नालायकी सामने दिख रही है।

कोल्हूसिद्ध और दरकोटी ठाणा के बीच हालत चिंताजनक
नेशनल हाईवे पर कोल्हूसिद्ध और दरकोटी ठाणा के बीच हालत चिंता जनक बनी हुई है। कोल्हूसिद्ध में कई जगह पत्थर गिर रहे हैं। एक जगह भारी मलबा गिरने से वाहन मुश्किल से निकल रहे हैं। दरकोटी ठाणा के बीच मलबे के ढेर पर बिना डंगा लगाए बन रहे हाइवे पर कई जगह दरारें आ चुकी हैं। दरकोटी में पुलिस चौकी के पास लगाया गया डंगा भी बरसात में अनहोनी पैदा कर सकता है। दरकोटी में मलबे पर बनी हाइवे की एक लेन बंद पड़ी है जबकि दूसरी लेन पर भी वाहन मुश्किल से निकल रहे हैं।
टौणी देवी में उहल-कक्कड़ सड़क रुक रुक कर गिर रहा मलबा
वहीं हाईवे के टौणी देवी जंक्शन पर उहल कक्कड़ रोड पर रुक रुक कर मलबा गिर रहा है। रविवार को भारी मलबा गिरने से उहल चौक पर सड़क दो घंटे बाधित रही। सोमवार सुबह हुई तेज बारिश से टौणी देवी जंक्शन पर फिर मलबा गिरा। पुराना पंचायत घर और बड़े पेड़ जड़ों समेत कभी भी सरक कर नेशनल हाईवे पर आ सकते हैं। छोटे वाहनों का इस पॉइंट पर निकलना खतरनाक बना हुआ है। क्या कहते हैं अधिकारी इस बारे नेशनल हाईवे निर्माण कंपनी के इंजीनियर अंकित कुमार ने बताया कि फिलहाल हमीरपुर से सरकाघाट तक नेशनल हाईवे चालू है। खतरनाक स्पॉट पर मशीनरी तैयार खड़ी है। टूटे हुए जंक्शन पॉइंट ठीक किए जा रहे हैं।












