Tuesday, October 13, 2026
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स्कूल-कॉलेजों में लौटे बच्चे, दाख़िलों में जबरदस्त इज़ाफा, नशा छोड़कर भविष्य की राह पर लौट रहे हैं नौजवानः बैंस

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। आम आदमी पार्टी ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पिछली कांग्रेस, अकाली-भाजपा की सरकारों पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज करने के लिए निंदा की और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में ‘आप’ सरकार ने बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। शनिवार को एक प्रेस को सम्बोधित करते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी स्कूलों की हालात बेहद खराब थी। बच्चे दरियों में बैठने को मजबूर थे, लेकिन 2022 में ‘आप’ सरकार बनने के बाद हमने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया। हमने नए क्लासरूम बनाने के साथ अत्याधुनिक लैब्स, सुरक्षा गार्ड, कैंपस मैनेजर, ट्रांसपोर्ट सेवा शुरू की, समय पर यूनिफॉर्म व किताबों की आपूर्ति से लेकर स्कूल ऑफ एमिनेंस तक अनेक सुधार किए गए हैं। हमने शिक्षकों को वविश्वस्तरीय प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा और विद्यार्थियों के लिए एक्सपोजर विज़िट जैसी योजनाएं लागू की। मंत्री बैंस ने आगे बताया कि सरकार फाउंडेशन लर्निंग को प्राथमिकता दे रही है। बच्चों को मजबूत शैक्षणिक आधार देने के लिए अध्यापकों को बिना किसी दबाव के प्रोत्साहित किया जा रहा है।  सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चा आत्मविश्वास और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़े।

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उन्होंने आगे कहा कि ‘मिशन समर्थ’ के तहत उन बच्चों की पहचान की गई जो अपनी कक्षा के अनुसार पढ़ने-लिखने या मैथ्स में कमजोर थे। इस मिशन को सही ढंग से लागू किया गया। जिसके परिणाम भारत सरकार के नेशनल असेसमेंट सर्वे में देखने को मिला, जिसमे पंजाब ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। बैंस ने कहा कि पंजाब ने केवल प्रथम स्थान ही नहीं प्राप्त किया, बल्कि अपने पिछले सभी रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। विशेष रूप से तीसरी कक्षा के छात्रों ने 100 में से 80 का ऐतिहासिक स्कोर प्राप्त किया, जबकि देश का औसत मात्र 60-65 के बीच रहा।

राष्ट्रीय सर्वे में सामने आया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों ने राज्य के निजी स्कूलों और यहां तक कि केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों को भी पीछे छोड़ दिया है। सर्वे के दौरान स्कूलों का चयन भारत सरकार द्वारा किया गया था, फिर भी पंजाब के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन सर्वोत्तम रहा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चाइल्ड साइकोलॉजी के अनुसार जब बच्चा अपनी मातृभाषा में दक्ष होता है तो वह अन्य विषयों को बेहतर समझ पाता है। इसी सोच के तहत पंजाबी भाषा में रीडिंग, लर्निंग और राइटिंग पर जोर दिया गया, जिसके सकारत्मक नतीजे सामने आए हैं।

बैंस ने कहा कि पहले शिक्षा विभाग से जुड़ी नकारात्मक खबरें सुर्खियों में रहती थीं, लेकिन आज वही विभाग देशभर में मिसाल बन गया है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय पंजाब के एक लाख से अधिक सरकारी अध्यापकों, नॉन-टीचिंग स्टाफ, मिड डे मील वर्कर्स, सिक्योरिटी गार्ड्स और पूर्व व वर्तमान अधिकारियों को दिया। बैंस ने कहा कि हमारा ये मिशन लगाता जारी है।राज्य के 20,000 स्कूलों को बेहतर बनाने का लक्ष्य अब भी बाकी है। ‘आप’ सरकार की यह सफलता एक बड़ा कीर्तिमान है जो भारत सरकार के सर्वे में दर्ज हो गई है। यह उपलब्धि हर पंजाबी और देशवासी तक पहुंचनी चाहिए।

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