
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (NSQF) को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। समग्र शिक्षा अभियान (पंजाब) के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में 2025-26 सत्र के दौरान 462 नई लैब स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए विभाग द्वारा कुल 1058.43 लाख (लगभग 10.58 करोड़) रुपये की भारी-भरकम ग्रांट जारी कर दी गई है। इन लैब के माध्यम से छात्रों को एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, आईटी और ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे 20 अलग-अलग ट्रेडों में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा।

होशियारपुर में खुलेंगी सर्वाधिक 54 लैब इस पूरी योजना में जिला होशियारपुर सबसे अग्रणी बनकर उभरा है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे पंजाब में सर्वाधिक 54 लैब अकेले होशियारपुर जिले में स्थापित की जाएंगी। इसके लिए जिले को 131.67 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो राज्य के किसी भी अन्य जिले (लुधियाना के बाद) की तुलना में सबसे महत्वपूर्ण आवंटन में से एक है। होशियारपुर के बाद लुधियाना में 83 और जालंधर में 44 लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
खरीद के लिए बनी 6 सदस्यीय कमेटी, गुणवत्ता से समझौता नहीं स्कूलों में टूल्स और उपकरणों की खरीद के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक स्कूल में 6 सदस्यीय खरीद कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें स्कूल मुखिया, SMC चेयरमैन, एक महिला सदस्य, जिला वोकेशनल कोऑर्डिनेटर, संबंधित ट्रेड का एक्सपर्ट और एक वरिष्ठ शिक्षक शामिल होंगे。 विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि सारा सामान वित्तीय नियमों (FMP मैनुअल) और PSSCIVE भोपाल की स्पेसिफिकेशन के अनुसार ही खरीदा जाए।
31 जनवरी तक लैब सेटअप और रिपोर्ट देना अनिवार्य डिप्टी स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर (NSQF) द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि ग्रांट मिलने के एक महीने के भीतर लैब सेटअप करना अनिवार्य है। सभी स्कूलों को 31 जनवरी 2026 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) जमा करना होगा । आदेशों में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्कूल में लैब सेटअप नहीं होता है, तो वहां के छात्रों की प्रैक्टिकल असेसमेंट नहीं की जाएगी, जिसकी सीधी जिम्मेदारी स्कूल मुखिया और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।












