
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एसएवी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में जैन शिक्षण निधि के प्रधान जीवन जैन जी के निर्देशानुसार स्कूल में आज गुरु रविदास जयंती मनाई गई| स्कूल की अध्यापक गीतिका जैन और सातवीं की विद्यार्थी गुरनूर ने प्रार्थना सभा में गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डाला। स्कूल के प्रधान जीवन जैन जी ने अपने भेजे गए संदेश में बताया कि रविदास जयंती गुरु रविदास जी का जन्मदिन है जो कि माघ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है| रविदास जी जन्म काशी के पास स्थित सीर गोवर्धनपुर गाँव में हुआ था| रविदास जयंती रविदास जी के जन्म का प्रतीक है| संत रविदास जाति व्यवस्था के उन्मूलन में प्रयास करने के लिए जाने जाते हैं| इन्होने भक्ति आंदोलन में भी योगदान दिया| मीराबाई को उनकी शिष्या माना जाता है|

इन्होने रविदासिया पंथ की स्थापना की और इनके स्वयं गाये कुछ भजन सिख लोगों के पवित्र ग्रंथ गुरुग्रंथ साहिब में भी शामिल हैं| यह भी कहा जाता है कि चित्तौड़ के राणा सांगा की पत्नी झाली रानी उनकी शिष्या बनी थी। वही चित्तौड़ के संत रविदास की छतरी बनी हुई है मानता है कि वह वहीं से स्वर्गारोहण कर गए थे ।कहा जाता है कि वाराणसी में 1540 ईस्वी में उन्होंने देह छोड़ दी थी। सेक्रेटरी मानिक जैन जी ने कहा कि संत रविदास के गुरु रामानंद ने भी उनकी प्रतिभा को देखकर ही उन्हें अपना शिष्य बना लिया था|
इन्होने पूरी दुनिया में यह सन्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा अपने जन्म के कारण नहीं बल्कि अपने कर्म के कारण होता है | व्यक्ति के कर्म ही उसे ऊंचा या नीचा बनाते हैं |कैशियर साहिल जैन जी ने बताया कि भगवान् उस हृदय में निवास करते हैं जिसके मन में किसी के प्रति वैर भाव नहीं है , कोई लालच या द्वेष नहीं | इसीलिए हमें हमेशा अच्छे कर्म करते रहना चाहिए| स्कूल के डीन सुनीता दुग्गल, प्रिंसिपल मनु वालिया ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन भेंट किये |












