
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से आशीर्वाद योजना को और अधिक सरल, पारदर्शी व जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से अब यह योजना केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से ही लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले यह योजना ऑनलाइन थी, जिसके तहत लाभ लेने में आम लोगों को कई प्रकार की तकनीकी व व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि अब आशीर्वाद योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे पात्र लाभार्थियों को सहज, सुलभ और पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ मिल सकेगा।
जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी हरपाल सिंह गिल ने बताया कि इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों, ईसाई समुदाय, पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा अन्य जातियों की विधवाओं की बेटियों, अनुसूचित जाति की विधवाओं एवं तलाकशुदा महिलाओं को उनके पुनर्विवाह के समय 51,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही लाभ की पात्र होंगी।
उन्होंने आगे बताया कि पहले जिन लोगों ने विवाह से पूर्व आवेदन ऑनलाइन नहीं किया था, उन्हें विवाह के बाद 30 दिनों तक आवेदन करने की अनुमति थी। अब पंजाब सरकार द्वारा यह अवधि बढ़ाकर विवाह के बाद 60 दिन कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि योजना को सेवा केंद्रों से जोड़ने से आम नागरिक अपने नजदीकी सेवा केंद्र पर कम खर्च में, सरल प्रक्रिया के माध्यम से और पूर्ण पारदर्शिता के साथ आवेदन कर सकेंगे।












