
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होशियारपुर की सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी की सेहत खराब होने पर उसे जेल प्रशासन द्वारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल की इमरजैंसी में ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों के अनुसार जब कैदी को लाया गया, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। परिवार ने आरोप लगाए कि जेल प्रशासन द्वारा अगर समय पर उसे लाया जाता तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता, लेकिन जेल प्रशासन की देरी के कारण उसकी मृत्यु हुई है, जिसकी जांच होनी चाहिए।

जानकारी अनुसार 38 साल का मनीष भट्टी पुत्र राम लाल निवासी राइया मोहल्ला, खानपुरी गेट एक साल से एनडीपीएस एक्ट के तहत अंडर ट्रायल जेल में बंद था। आज सुबह करीब 8 बजे उसकी छाती में दर्द होने लगी। जिसके बाद जेल प्रशासन उसे अस्पताल लेकर आया। उसे गौरव, सुधीर कुमार व गार्ड विजय अस्पताल लेकर आए। डा. राहुल कुमार के अनुसार मनीष को जब यहां लाया गया तो उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि मृत्यु का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। दूसरी तरफ मनीष के परिजनों ने आरोप लगाए कि जेल प्रशासन की ढीली कार्यगुजारी एवं मनीष को देरी से इलाज के लिए लाए जाने के कारण उसकी मौत हो गई तथा इस सारे मामले की जांच करके आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही का जानी चाहिए।
इस बारे में बात करने पर सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट मनजीत सिंह ने बताया कि मामनले की न्यायक जांच होगी तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों संबंधी कहा जा सकेगा।












