
रूपनगर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-ध्रुव नारंग। भारतीय फार्मेसी स्नातक संघ महिला मंच ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस: एक चुपचाप वैश्विक महामारी विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार का सफल आयोजन किया। अमर शहीद बाबा अजीत सिंह जुझार सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बेला और गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ फार्मेसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन घंटे के इस कार्यक्रम को जूम और यूट्यूब के माध्यम से आयोजित किया गया। पूरे भारत से 186 छात्रों, शैक्षणिकों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रो. (डॉ.) शैलेश शर्मा और डॉ. कुमार गौरवे द्वारा संचालित सेमिनार का सुचारू संचालन आयोजन समिति की डॉ. नीलम और डॉ. गीता देसवाल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत ढ्ढक्कत्र्र महिला मंच की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मंजू सिंह रावत के स्वागत भाषण से हुई, जबकि जशनप्रीत कौर ने इसे कुशलतापूर्वक संचालित किया। प्रख्यात विशेषज्ञों प्रो. (डॉ.) अवनीत सैनी और डॉ. रूपाल मित्तल ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर आकर्षक सत्र प्रस्तुत किए।

उन्होंने मनुष्यों, पशुओं और कृषि में एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के दुरुपयोग से ्ररूक्र के उदय, च्च्सुपरबग्सज्ज् की चुनौतियों, संक्रमण नियंत्रण और भारत पर वैश्विक ्ररूक्र बोझ पर प्रकाश डाला। सेमिनार में एंटीमाइक्रोबियल स्टीवार्डशिप, तर्कसंगत नुस्खे, उपचार दिशानिर्देशों का पालन, हाथ धोना और टीकाकरण जैसी रोकथाम रणनीतियों पर जोर दिया गया। मुख्य आकर्षण वन हेल्थ अप्रोच रहा, जो मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के परस्पर संबंधों को रेखांकित करता है।












