Sunday, October 11, 2026
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भगवंत मान का कर्मचारी विरोधी चेहरा बेनकाब, 7 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता रोकाः जोशी

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। सात लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) को 1 जनवरी 2023 से टाल रही पंजाब की भगवंत मान सरकार अब इस मुद्दे पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस हारने के बाद इस फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती देने की तैयारी कर रही है, जिससे उसका कर्मचारी विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी पंजाब के स्टेट मीडिया हेड एवं वरिष्ठ नेता विनीत जोशी का।

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जोशी ने बताया कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि कर्मचारियों/पेंशनरों के महंगाई भत्ते की 5 किस्तें बकाया पड़ी हैं। महंगाई भत्ता कर्मचारियों का हक है, जो हर साल महंगाई बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन विडंबना यह है कि पंजाब में यह 1 जुलाई 2023 से 1 जुलाई 2025 तक बकाया पड़ा है।

महंगाई भत्ता देकर सरकार कोई सौगात या तोहफा नहीं देती, बल्कि कर्मचारियों का हक अदा करती है, लेकिन सरकार इस भुगतान को टालकर लाखों कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है।

अपनी बात जारी रखते हुए जोशी ने कहा कि पंजाब में 1967 से ही महंगाई भत्ता केंद्रीय पैटर्न पर मिलता आ रहा है। अब जिस तरह सरकार ने इसे देना बंद किया हुआ है, उससे आशंका है कि भगवंत मान सरकार इसे केंद्रीय पैटर्न से अलग (डी-लिंक) करने की कोशिश में है।

जोशी ने कहा कि पंजाब में जितने भी वेतन आयोग बने, सभी ने इस बात की वकालत की है कि राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता केंद्रीय पैटर्न पर ही मिलना चाहिए। छठे वेतन आयोग ने भी यही सिफारिश की थी, लेकिन पंजाब सरकार ने इन सभी सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया है।

केंद्र की भाजपा सरकार ने 8वां वेतन आयोग बना दिया है, जबकि पंजाब की आप सरकार 1 जनवरी 2026 से 7वें वेतन आयोग का गठन भी नहीं कर पाई है।

जोशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भगवंत मान सरकार की इस कर्मचारी विरोधी नीति को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 30 जून 2026 तक कर्मचारियों का लंबित महंगाई भत्ता देने की प्रक्रिया को टालने की कोशिश की, तो इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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