
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। वासल एजुकेशन संचालित जैम्स कैंब्रिज इंटरनैशनल स्कूल होशियारपुर में आज बैसाखी पर्व को धूमधाम से मनाया गया। इस आवसर पर विद्यालय परिसर रंग बिरंगी सजावट में सजा दिखा, व नन्हे छात्र पंजाबी लोक संस्कृति और पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित दिखाई दीए। स्कूल के ओडिटोरियम हॉल में विशेष प्रार्थना का शब्द “देव शिवा वर मोहे” से कार्यक्रम का आगाज़ हुआ।

इस कार्यक्रम में पंजाबी लोक संस्कृति को खुबसूरती से प्रस्तुत किया गया विद्यार्थियों ने भांगडा और गिद्दा प्रस्तुत से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान बैसाखी पर्व की महत्ता और इससे जुडे विभिन्न पहलुओं के प्रति छात्रों को जानकारी प्रदान की गई वहीं पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित करवाया गया।
पंजाबी सभ्याचार की झलकियाँ छात्रों के मनोहारी वेश–भूषा से स्पष्ट दिखाई दी। छात्रों को पंजाब में खालस पंथ स्थापना, जलियांवाला बाग का ऐतिहासिक घटनाकांड, फसलों का पक कर तैयार होना इत्यादि विषयों के बारे में जानकारी देकर उन्हें पंजाबियत की जड़ों से जोड़ने व पंजाबी होने का गर्व महसूस करवाता है।
डॉ भीम राव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य पर छात्रों के लिए ज्ञानवद्र्वक क्विज़ भी करवाया गया। जिससे छात्रों को संविधान निर्माता के जीवन रचना व उनके द्वारा दिए गए कल्याणकारी संदेशों से प्रेरणा मिली और वे इस युग पुरूष के बारे में विस्तार से जान पाए।
स्कूल प्रिंसिपल संगीता निसतंद्र कहा कि बैसाखी का कार्यक्रम बच्चों को भारत के गौरवशाली इतिहास में पंजाब के सपूतों उनके बलिदानों की याद दिलाता है तथा छात्रों को नवभारत में देश व अपने प्रांत के प्रति गौरवन्वित होने को गर्व महसूस करवाता है। प्रिंसिपल संगीता ने छात्रों को प्रेमभाव रखने की सीख दी व कहा कि हमें हमेशा सयंम से काम लेना चाहिए व हिंसा से दुर रहना चाहिए।
इस मौके पर वासल एजुकेशन के चेयरमैन संजीव वासल ने कहा कि वासल एजुकेशनल संचालित सभी संस्थानों के अंतर्गत सभी छात्रों को देश के स्वर्णिम इतिहास से परिचित करवाया जाता है। उन्होंने पंजाबी सभ्यता और विरासत को अमूल्य निधि कहा तथा इसका संरक्षण करना प्रत्येक भारतीय का परम कर्तव्य है। वासल एजुकेशन के सीईओ राघव वासल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ा जाए। बैसाखी जैसे त्योहार हमें अपनी परंपराओं और विरासत को संजोकर रखने की प्रेरणा देते हैं।












