
छत्तीसगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में बड़ा हादसा हो गया है। यहां वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर फटने से 13 लोगों की मौत हो गई है। घटना में 22 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद रायगढ़ स्थित जिंदल फोर्टिस अस्पताल में अब तक 21 लोगों को लाया गया है। वहीं कुछ लोगों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले के एसपी प्रफुल ठाकुर ने बताया कि घटना में घायलों को रायगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति का संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। पूर्व मंत्री नोबल वर्मा सहित कई विधायक सदस्य बनाए गए हैं। रामकुमार यादव, उत्तरी जांगड़े, बलेश्वर साहू समेत कई नेता शामिल हैं। समिति को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाकर पीड़ितों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करे। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। उधर, वेदांता प्रबंधन की ओर से मुआवजे का एलान किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वेदांता प्रबंधन द्वारा हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।












