
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग पंजाब एवं सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिविल अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा पाल के नेतृत्व में नूरा हेल्थ एवं योसैड फाउंडेशन के सहयोग से केयर कंपैनियन प्रोग्राम (CCP) के अंतर्गत पैरामेडिकल स्टाफ के लिए विस्तृत एवं प्रायोगिक रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन (LT), काउंसलर तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि केयर कंपैनियन प्रोग्राम के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित रूप से अधिक से अधिक सत्र आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ये सत्र ओपीडी, वार्डों तथा डिलीवरी प्वाइंट्स पर मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें एएनसी, पीएनसी, एमसीएच, नवजात शिशु की देखभाल, स्वच्छता, टीकाकरण एवं पोषण संबंधी सरल एवं सही जानकारी मिल सके। इससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा भ्रांतियों (myths) और गलत धारणाओं (misconceptions) को दूर करने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि गर्भावस्था देखभाल (ANC) में समय-समय पर जांच, हीमोग्लोबिन टेस्ट, टीकाकरण तथा पोषण का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रसव उपरांत देखभाल (PNC) में माता एवं नवजात शिशु की निगरानी, स्वच्छता तथा स्तनपान की सही विधि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
माता एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) के अंतर्गत बच्चों की विकास दर, टीकाकरण एवं पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ शालीन व्यवहार करने तथा उन्हें उचित स्वास्थ्य परामर्श देने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशिक्षण में समाज में प्रचलित सामान्य भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर भी चर्चा की गई तथा उन्हें दूर करने के लिए सही जानकारी देने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त संतुलित आहार (Balanced Diet) पर विशेष ध्यान दिया गया तथा माता एवं शिशु के लिए प्रोटीन, विटामिन एवं आयरन युक्त आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी सिखाया गया कि CCP सत्रों का प्रभावी संचालन कैसे किया जाए, मरीजों को सरल भाषा में जानकारी कैसे दी जाए तथा CCP उपस्थिति रजिस्टर (Attendance Book) को सही तरीके से कैसे भरा जाए, ताकि निगरानी एवं रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत किया जा सके।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा पाल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से स्टाफ की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना आसान हो जाता है। केयर कंपैनियन प्रोग्राम के अंतर्गत शैलेन्द्र सिंह (सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट, नूरा हेल्थ) के मार्गदर्शन में बेबी रानी (लीड ट्रेनर) एवं अन्ना लिज (ट्रेनर) द्वारा प्रतिभागियों को प्रायोगिक एवं इंटरैक्टिव तरीके से प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि CCP का मुख्य उद्देश्य मरीजों एवं उनके परिजनों को सही जानकारी देकर उन्हें अपनी स्वास्थ्य देखभाल के लिए सक्षम बनाना है।
अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे वे क्षेत्र स्तर पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। इस अवसर पर ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर रोहित शर्मा तथा अस्पताल प्रशासक हरप्रीत कौर भी उपस्थित रहे।












