
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। ‘मिशन समर्थ’ के तहत अब राज्य के सभी सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ‘माइंडफुलनेस अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की एकाग्रता में सुधार करना, तनाव प्रबंधन और कक्षा में सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है ।

समय-सारणी में बदलाव: अब लगेंगे 9 पीरियड
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पंजाब द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्कूलों की वर्तमान समय-सारणी में बदलाव किया गया है । अभी तक स्कूलों में रोजाना 8 पीरियड लगते थे, लेकिन माइंडफुलनेस के लिए अब 9 पीरियड निर्धारित किए गए हैं ।
हर रोज पहला पीरियड 20 मिनट का केवल माइंडफुलनेस गतिविधियों के लिए होगा । इसके लिए सुबह की सभा के समय और आखिरी तीन पीरियड में से 5-5 मिनट की कटौती करके यह समय निकाला गया है । संशोधित समय-सारणी के अनुसार, सुबह 8:15 से 8:35 बजे तक विद्यार्थी इन गतिविधियों में भाग लेंगे ।
12 चरणों में होगी मानसिक कसरत
इस विशेष सत्र के दौरान विद्यार्थियों को ब्रीदिंग एक्सरसाइज, गाइडेड रिफ्लेक्शन, सकारात्मक विचार और आभार व्यक्त करने जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी । कार्यक्रम को 12 चरणों में बांटा गया है, जिसमें कमरे का अवलोकन, माइंडफुल ब्रीदिंग, गाइडेड मेडिटेशन और माता-पिता के प्रति आभार प्रकट करना शामिल है ।
30 अप्रैल तक लागू करना अनिवार्य
SCERT की डायरेक्टर किरण शर्मा (PCS) द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्यक्रम 30 अप्रैल, 2026 से पहले सभी स्कूलों में लागू करना अनिवार्य है । फिलहाल यह शेड्यूल मई 2026 के अंत तक प्रभावी रहेगा । स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी देख-रेख में क्लास इंचार्ज के माध्यम से इन गतिविधियों को सही ढंग से संपन्न कराएं । डबल शिफ्ट वाले स्कूलों को भी इसी अनुरूप अपनी समय-सारणी बदलने के आदेश दिए गए हैं ।











