
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। एक तरफ जहां पंजाब के समस्त फर्द केन्द्रों में मुलाजिमों द्वारा हड़ताल की गई है, जिससे लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ नगर निगमों एवं नगर कौंसिलों में भी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। जिस कारण लोगों की समस्याएं और भी बढ़ती हुई नज़र आने लगी हैं। इसलिए पंजाब सरकार को चाहिए कि समस्त मुलाजिम जत्थेबंदियां अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आ जाएं, उससे पहले ही हड़ताली जत्थेबंदियों के साथ बैठक करके उनकी जायज मांगों को मानना चाहिए। यह बात पूर्व पार्षद पं. विक्रम मेहता ने आज यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के समय पंजाबियों को बहुत सारे सपने दिखाए थे और कर्मचारियों के साथ भी वायदे किए थे।

लेकिन सरकार बनने के बाद आप की शीर्षलीडरशिप ने पंजाबियों के साथ छल करना शुरु कर दिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी टीम पंजाब और पंजाबियों के लिए कम तथा अपने आकाओं को खुश करने तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। जिसकी कई उदाहरणें सभी के सामने हैं। लेकिन अब जबकि सरकार का समय छोड़ ही रह गया है तो ऐसे में सरकार की नाकामियों के कारण आम जनता को परेशान होना पड़ रहा है। क्योंकि, अगर सरकार समय रहते ही कर्मचारियों की मांगों की तरफ ध्यान देती तो शायद उन्हें हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर न होना पड़ता। पं. मेहता ने कहा कि वह कर्मचारियों के साथ हैं, क्योंकि उनकी मांगे जायज हैं। कच्चे व आउटसोर्स पर काम कर रहे मुलाजिम जोकि पिछले 10-10 साल से काम कर रहे हैं और कईयों को तो इससे भी अधिक समय हो चुका है को सरकार द्वारा मात्र 10-12 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं, जोकि इस महंगाई के समय में बहुत कम है। इसलिए इनकी मांगों को पहल के आधार पर विचार कर उनका समाधान करना समय की मांग है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और सरकार से अपील की कि वह मुलाजिम जत्थेबंदियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं का हल निकालें।












