
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान: पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्रणाली को अधिक रोचक और तनावमुक्त बनाने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने एक बड़ा कदम उठाया है । शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान राज्य के सभी स्कूलों (पीएम श्री स्कूलों को छोड़कर) में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 10 ‘बैगलेस डेज़’ (बस्ता मुक्त दिन) लागू करने का निर्णय लिया गया है ।

रचनात्मकता और कौशल विकास पर जोर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच रटने की प्रवृत्ति को कम कर उनमें रचनात्मकता, 21वीं सदी के कौशल और विभिन्न विषयों में रुचि पैदा करना है । इन दिनों के दौरान छात्रों को किताबी ज्ञान के बजाय सोशल इमोशनल लर्निंग (SEL), अनुभवात्मक शिक्षा और बाहरी प्रदर्शन (Out of class exposure) के अवसर प्रदान किए जाएंगे ।
पूरे साल का रोमांचक शेड्यूल
SCERT ने मई 2026 से लेकर फरवरी 2027 तक की गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है:
· मई-जुलाई: भाषाओं के साथ मनोरंजन (रोल प्ले, कविता पाठ) और छुट्टियों के काम की प्रदर्शनी ।
· अगस्त-सितंबर: गणितीय आकृतियों के साथ खेल और शिक्षक दिवस पर ‘छात्र-शिक्षक’ गतिविधि ।
· अक्टूबर-नवंबर: सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी, कचरा प्रबंधन कार्यशाला और बाल दिवस समारोह ।
· दिसंबर-फरवरी: साइबर सुरक्षा और पर्यावरण पर ‘स्पार्क सेशन’, विज्ञान गतिविधियाँ और ऐतिहासिक स्थानों का दौरा ।
गतिविधियों का विशेष स्वरूप
बैगलेस डे की शुरुआत विशेष सुबह की सभा और माइंडफुलनेस गतिविधियों के साथ होगी । इसके बाद मुख्य गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिसमें ‘कुदरत बनो’ (Be Nature) जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जहाँ छात्र खुद को प्रकृति का हिस्सा मानकर पोस्टर बनाएंगे और संदेश लिखेंगे ।
स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक नोडल शिक्षक नियुक्त करें और प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड एक विशेष रजिस्टर में बनाए रखें । इन गतिविधियों की रिपोर्ट और तस्वीरें 31 मार्च 2027 तक मुख्यालय भेजी जाएंगी । यह कदम न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में सहायक होगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ।












