
पश्चिम बंगाल (द स्टैलर न्यूज़)। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के बंगाल से अवैध घुसपैठियों को ‘DEPORT’ (देश-निकाला) करने का आदेश देने के बाद हलचल मच गई है। बंगाल में बसे अवैध बांग्लादेशियों में चिंता फैल गई है। इधर गिरफ्तारी और कार्रवाई से बचने के लिए अवैध बांग्लादेशियों ने पलायन शुरू कर दिया है। स्वरूपनगर में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास अवैध अप्रवासियों का मजा लग गया। अपने सामान के बाद बांग्लादेशी बॉर्डर पर एकत्र हो गए। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि उन्हें कंट्रोल करने के लिए फोर्स बढ़ानी पड़ी। बीएसएस और सतर्क हो गई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दूसरे देशों से आए गिरफ्तार किए गए अवैध घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय सीधे निकटतम सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सीमा चौकियों पर भेज दें। स्वरूपनगर बॉर्डर पर मौजूद लोगों ने कहा कि हमें लगा था कि TMC जीतेगी, लेकिन BJP जीत गई है इसीलिए हम यहां से जा रहे हैं।

इससे पहले, CM अधिकारी ने कहा था कि अवैध घुसपैठियों को सीधे BSF को सौंपने की व्यवस्था पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उन्होंने पुलिस और RPF अधिकारियों के साथ एक बैठक की और उन्हें निर्देश दिया कि वे गिरफ्तार किए गए अवैध घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय निकटतम BSF सीमा चौकियों पर भेज दें। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध बांग्लादेशियों का पता लगाओ-हटाओ और निर्वासित करो। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार (detect delete deport) नीति पर काम कर रही है। इस नीति का वादा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव-पूर्व अभियानों के दौरान किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यालय गिरफ्तार किए गए और BSF चौकियों पर भेजे गए अवैध घुसपैठियों की संख्या का साप्ताहिक ब्योरा रखेगा।











