
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। नगर निगम कार्यालय से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर सूरज नगर के आधीन पड़ते इलाके में बिना पास करवाए एक कालोनी काट दी गई, जिसकी खबर निगम को न होने से वहां प्लाट लेने वाले आम लोग खुद को ठगा सा महसूस करने लगे हैं। क्योंकि, पता चला है कि बयाने पर आगे बयाना और बेचने वाले की तरफ से रजिस्ट्री की गारंटी तो दी जा रही है, मगर एनओसी की बात आते ही पल्ला झाड़ा जा रहा है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्लाट किसी राजनीतिक आका की शरणागति होकर बेचे जा रहे हैं, जिसके चलते सौदा बेचने वालों को न तो नियमों की परवाह है और न ही नगर निगम की। जिस कारण वहां पर प्लाट लेने के इच्छुक बयाना दे चुके लोगों में एक अजीब किस्म का डर पाया जा रहा है। हालांकि मौके पर हमारे संवाददाता द्वारा तस्वीर लेने दौरान वहां पर कोई न होने से इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई कि कालोनी कौन काट रहा है तथा जमीन का असल मालिक कौन है। लेकिन नगर निगम से मिली जानकारी अनुसार सूरज नगर में नई कालोनी काटे जाने संबंधी कोई औपचारिकताओं हेतु फाइल जमा नहीं हुआ है।

इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो प्लाट बेचने वालों का कहना है कि रजिस्ट्री करवाना उनकी जिम्मेदारी होगी, लेकिन एनओसी खरीददार को खुद करवानी होगी। जिससे दाल में काला होने का संदेह खुद-ब-खुद हो जाता है। सूरज नगर को बने हुए काफी अर्सा हो चुका है तथा उसमें काफी जगह खाली पड़ी हुई है। लेकिन उक्त स्थान के बारे में पता चला है कि यहां पर खेत हुआ करते थे तथा देखते ही देखते इसने कब कालोनी की शक्ल ले ली इसके बारे में कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं। इससे यह भी अंदाजा हो जाता है कि राजनीतिक आका की शरणागति होने के कितने लाभ हैं और किस प्रकार सारा खेल खेला जा रहा है। अब देखना यह होगा कि उक्त कालोनी को मालिकों द्वारा पास करवाया जाता है या क्या नगर निगम द्वारा इस बारे में कोई ठोस कार्यवाही की जाती है तथा या फिर राजनीतिक आका के शरणागति होने का लाभ क्लोनाइज़र या डीलर भरपूर उठाने में सफल रहते हैं। अगर आप भी उक्त कालोनी या मोहल्ले में प्लाट लेने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं, कहीं आप को भी बाद में पछताना न पड़े।












