Tuesday, October 27, 2026
Home Hoshiarpur रिलायंस इंडस्ट्री चौहाल में नशाखोरी संबंधी जागरूकता कार्यशाला आयोजित

रिलायंस इंडस्ट्री चौहाल में नशाखोरी संबंधी जागरूकता कार्यशाला आयोजित

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। रिलायंस इंडस्ट्री चौहाल, होशियारपुर में नशाखोरी, इसके दुष्प्रभावों तथा इसके इलाज संबंधी एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र होशियारपुर की मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. जसलीन कौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुईं। इस अवसर पर रिलायंस इंडस्ट्री से भूपिंदर सिंह सीनियर मैनेजर एच.आर., डॉ. मनजिंदर सिंह, विनोद सिंह, सचिन तथा परांजल उपस्थित थे। जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र होशियारपुर से मेडिकल ऑफिसर डॉ. जसलीन कौर, प्रशांत आद्या काउंसलर तथा पूजा रानी काउंसलर भी उपस्थित रहे।

Advertisements

डॉ. जसलीन कौर ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशाखोरी एक लंबे समय तक चलने वाली मानसिक बीमारी है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर के हर अंग को सिर से लेकर पैर तक प्रभावित करता है। नशाखोरी व्यक्ति को शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी एक मानसिक बीमारी है, जो अन्य बीमारियों से बिल्कुल भिन्न है।

उन्होंने substance abuse (मादक पदार्थों के दुरुपयोग) के बारे में जानकारी दी तथा कहा कि युवाओं में मेहनत करने के प्रति उत्साह बढ़ाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशाखोरी के खिलाफ अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की युवा पीढ़ी नशों की दलदल की ओर बढ़ रही है। यदि हम आज से ही जागरूक हो जाएं, तभी हम अपने पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बना सकते हैं। इस अवसर पर प्रशांत आद्या काउंसलर ने नशाखोरी के दुष्प्रभावों और इसके कारणों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनसामान्य की काउंसलिंग के लिए टेली मानस ऐप तथा हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-89-14416 जारी किए गए हैं, जिन पर कॉल कर 24×7 काउंसलिंग सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा इलाज संबंधी जानकारी के लिए जिला हेल्पलाइन नंबर 85580-01882 पर कार्य दिवसों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर पूजा रानी काउंसलर ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब सरकार द्वारा जिला होशियारपुर में दो नशा मुक्ति केंद्र — सिविल अस्पताल होशियारपुर तथा सिविल अस्पताल दसूहा में संचालित किए जा रहे हैं, जहां मरीजों का 15 से 21 दिनों तक डिटॉक्सिफिकेशन किया जाता है।

इसके बाद मरीजों को जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, मोहल्ला फतेहगढ़, होशियारपुर में 90 दिनों तक रखा जाता है, जहां उनकी व्यक्तिगत काउंसलिंग, ग्रुप काउंसलिंग, पारिवारिक काउंसलिंग के साथ-साथ सर्टिफिकेट आधारित व्यावसायिक कौशल विकास प्रशिक्षण भी कराया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले में 16 ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिक जिला, उपमंडल एवं सी.एच.सी. स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं, जहां मरीज एवं उसके परिवार की लिखित सहमति के आधार पर ऑनलाइन उपचार शुरू किया जाता है। यह इलाज लगभग एक वर्ष में पूरा किया जाता है। इस दवा से ओवरडोज से मृत्यु नहीं होती तथा एच.सी.वी., पीलिया और एच.आई.वी./एड्स जैसी बीमारियों से भी बचाव होता है।

इस अवसर पर “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत प्रशांत आद्या ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने पंजाब सरकार के “पिंडां दे पहरेदार” कार्यक्रम तथा जन-जागरूकता अभियानों के बारे में भी विस्तार से बताया। इस दौरान लोगों को गांवों के पहरेदार वी.डी.सी. सदस्य बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने कहा कि हमें स्वयं जागरूक होने की आवश्यकता है। यदि हम जागरूक होंगे, तभी हम नशे की लत से ग्रस्त व्यक्ति की सहायता कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह संदेश हर घर और हर गली तक पहुंचना चाहिए, ताकि नशाखोरी से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार के दायरे में लाया जा सके। यदि हम इस दिशा में पहला कदम उठाएं, तभी पंजाब की युवा पीढ़ी को नशों से बचाया जा सकता है और पुनः रंगला पंजाब का सपना साकार किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here