Sunday, October 4, 2026
Home National शिमला के पूर्व SSP संजीव गांधी को सरकारी आवास खाली करने के...

शिमला के पूर्व SSP संजीव गांधी को सरकारी आवास खाली करने के आदेश, लगा 1.8 लाख का जुर्माना

शिमला (द स्टैलर न्यूज़)। शिमला के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी को तबादले के कई महीने बाद भी सरकारी आवास पर कब्जा बनाए रखने के मामले में करीब 1.8 लाख रुपये का दंडात्मक किराया (पेनल रेंट) भरने का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने संजीव गांधी को भेजे पत्र में कहा है कि वह बिना किसी और देरी के शिमला स्थित एसपी आवास का कब्जा वर्तमान एसएसपी गौरव सिंह को सौंप दें। संजीव गांधी 7 फरवरी 2026 तक शिमला के एसएसपी पद पर तैनात थे। इसके बाद उनका तबादला मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक के रूप में किया गया और बाद में उन्हें डीआईजी ट्रैफिक, टूरिज्म एंड रेलवे (टीटीआर), शिमला नियुक्त किया गया।

Advertisements

डीजीपी के पत्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकारी आवास आवंटन (जनरल पूल) नियम, 1994 के नियम 10(2) के तहत किसी अधिकारी को स्थानांतरण के बाद आवंटित सरकारी आवास एक महीने के भीतर खाली करना होता है। इस आधार पर संजीव गांधी के लिए आवास रखने की वैध अवधि 6 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी। पत्र में कहा गया है कि 7 मार्च 2026 के बाद से सरकारी आवास पर उनका कब्जा अनधिकृत माना जाएगा। विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि मई महीने में भी उन्हें आवास खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मकान खाली नहीं किया। डीजीपी ने चेतावनी दी है कि यदि दंडात्मक किराये की राशि तत्काल जमा नहीं कराई गई तो इसे उनके वेतन से वसूल किया जाएगा। इसके अलावा 1 जून 2026 से लागू होने वाले अतिरिक्त क्षतिपूर्ति शुल्क (डैमेज चार्जेज) भी हर महीने के आधार पर तब तक वसूले जाएंगे, जब तक आवास खाली नहीं किया जाता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here