
हरियाणा (द स्टैलर न्यूज़)। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव छितरौली की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉटपुट F57 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 40 वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन से भारत को खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक मिला और देश की कुल पदक संख्या आठ पहुंच गई। घाना की जिनाबू इसाह ने 8.65 मीटर के साथ रजत और नाइजीरिया की यूकारिया इयाजी ने 8.19 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की शिल्पा चौथे स्थान पर रहीं। महेंद्रगढ़ की शर्मिला की सफलता संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

दो वर्ष की उम्र में पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना किया। 18 वर्ष की आयु में विवाह के बाद उन्हें वर्षों तक घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना झेलनी पड़ी। आखिरकार वह अपनी दोनों बेटियों के साथ मायके लौट आईं। बाद में दूसरे पति अजीत सिंह के प्रोत्साहन से उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा। परिवार ने उनके प्रशिक्षण के लिए वर्ष 2023 में अपना घर तक बेच दिया। 34 वर्ष की उम्र में खेलों की शुरुआत करने वाली शर्मिला ने 2021 में राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद लगातार अपनी पहचान मजबूत की और अब कॉमनवेल्थ खेलों का स्वर्ण जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।












