
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 9वां दिन भारत के लिए खास है। भारत ने कई मेडलों पर कब्जा किया। जूडे में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रच दिया। दोनों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अस्मिता ने महिलाओं के 48kg वेट क्लास में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। वहीं हर्ष ने पुरुषों के 60kg मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को मात दी। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के अब 19 मेडल हो गए हैं। इनमें 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। अस्मिता डे दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली एक भारतीय जूडोका हैं।

एक साधारण परिवार में जन्मीं अस्मिता के पिता साइकिल मैकेनिक हैं। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए जूडो को अपनाया। एक बयान के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने एथलेटिक्स (800 मीटर) में हिस्सा लिया था, लेकिन फिर उनके पहले कोच ने उन्हें जूडो से परिचित कराया, जिसके बाद 2015 में वह त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में शामिल हो गईं। नेशनल स्कूल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से 2018 में उन्हें SAI रीजनल सेंटर, भोपाल (NCOE) में जगह मिली और तब से वह NCOE भोपाल में ट्रेनिंग कर रही हैं। अस्मिता ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और एशियन ओपन, जूनियर एशिया कप जूडो चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में मेडल जीते हैं। इस तरह उन्होंने 48 किलोग्राम कैटेगरी में भारत की प्रमुख जूडोका के तौर पर अपनी पहचान बनाई है।
हर्ष सिंह भारत के एक बेहतरीन जूडोका हैं। वह पुरुषों की 60 किलोग्राम से कम वजन वाली कैटेगरी में खेलते हैं। हर्ष ने घरेलू जूडो सर्किट में तेजी से अपनी पहचान एक दमदार जूडोका के तौर पर बनाई है और वे लगातार देश के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ टॉप सम्मान के लिए मुकाबला करते रहे हैं। नेशनल रैंकिंग और सिलेक्शन ट्रायल्स में लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें ग्लोबल IJF वर्ल्ड टूर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है, जहां वे टोक्यो ग्रैंड स्लैम, एशियन चैंपियनशिप और ग्रांड प्रिक्स जैसे बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स में हिस्सा लेते हैं।












