
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। वन मंडल अधिकारी होशियारपुर धर्मवीर धेरु (आईएफएस) के दिशा-निर्देशों के तहत जंगलों में अवैध कटाई पर रोक लगाने के लिए वन विभाग की टीम द्वारा लगातार जांच एवं गश्त की जा रही है। इसी कड़ी में डिप्टी डीएफओ वैंकटेश्वर शिवाले के नेतृत्व में 8 अगस्त 2026 को पंडोरी दफा-4 और बस्सी पुरानी के जंगलों में हुई खैर की कटाई की जांच की गई। जांच के दौरान वन रेंज अधिकारी माहिलपुर-हरियाना, होशियारपुर तथा अन्य वन कर्मचारियों ने टांडा रोड पर लगे कैमरों की जांच की। कैमरों से मिली जानकारी के आधार पर टीम को गांव सटियाणा में अमायरा हर्ब प्राइवेट लिमिटेड कत्था फैक्ट्री के बारे में पता चला। वन विभाग की टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की।

अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी और कत्था बरामद हुआ। स्टॉक में पड़ी खैर की लकड़ी की जांच करने पर उस पर किसी प्रकार का मार्किंग नंबर या हैमर मार्क नहीं पाया गया। वन विभाग ने इसे गैर-कानूनी लकड़ी और कत्था बताया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री से भारी मात्रा में सामग्री बरामद करने के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। फैक्ट्री के मालिक का नाम दीपांशु मेहता बताया गया है। मामले में वन विभाग द्वारा आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान किरणदीप सिंह, जसपाल सिंह, अमरवीर सिंह, कुलदीप सिंह, बलवंत कुमार, बलदेव गज, जसविंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, आकाश अंगरूला, गुरप्रीत सिंह सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
-फैक्ट्री मालिक ने कहा, बिल एवं परमिट देखकर ही खरीददते हैं माल, जांच में सहयोग करुंगा
इस संबंधी बात करने पर फैक्ट्री के मालिक दीपांशु मेहता ने बताया कि वह सारा माल बिल एवं परमिट देखकर ही खरीददते हैं तथा फैक्ट्री पिछले 2-ढाई माह से बंद है। जो माल अंदर पड़ा हुआ है वह भी पुराना है तथा तैयार कत्था भी करीब 2-ढाई माह पुराना है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रिकार्ड विभाग को दे दिया है तथा वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।












