
चक्कोवाल (द स्टैलर न्यूज़): सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों तथा पी.एच.सी. चक्कोवाल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनप्रीत कौर के नेतृत्व में ब्लॉक पी.एच.सी. चक्कोवाल ब्राह्मणां के अधीन आते 191 गांवों में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।

इस संबंधी जानकारी देते हुए एस.एम.ओ. डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि जिले में डेंगू के मामलों पर रोक लगाने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा समिति सदस्यों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों तथा उनसे बचाव के उपायों संबंधी जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि हमें अपने घरों के अंदर तथा आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि साफ खड़े पानी में डेंगू का मच्छर पनपता है। कूलरों, पक्षियों के लिए रखे पानी के बर्तनों, फ्रिज के पीछे लगी ट्रे, पुराने टायरों, टूटे-फूटे बर्तनों आदि में जमा पानी को हर सप्ताह निकालना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 2 स्थानों पर लार्वा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए बारिश का पानी जमा न होने दिया जाए तथा गड्ढों को मिट्टी से भर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लार्वा की जांच करते हैं और जहां भी लार्वा मिलता है, उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाता है।
डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि तालाबों में काला तेल डालने से वहां मच्छरों का लार्वा पैदा होने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार होता है तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ले। सरकारी अस्पतालों में डेंगू एवं मलेरिया की जांच और उपचार निःशुल्क किया जाता है।












