
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा योजना दो हज़ार छब्बीस-सत्ताईस के अंतर्गत ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण’ की एक शानदार शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रही बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनमें आत्मरक्षा और आत्मविश्वास की भावना जगाना है। इस योजना के तहत राज्य भर के कुल तीन हज़ार दो सौ चौहत्तर विद्यालयों की छठी से बारहवीं कक्षा तक की छात्राओं को आत्मरक्षा का विशेष अभ्यास करवाया जाएगा। विभाग द्वारा प्रत्येक विद्यालय को तेरह हज़ार दो सौ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है, जिसमें दस हज़ार रुपये प्रशिक्षक के मानदेय और तीन हज़ार दो सौ रुपये अभ्यास सामग्री के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस पूरे राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए चार सौ बत्तीस लाख रुपये से अधिक का बजट मंज़ूर हुआ है।

विद्यालय प्रबंध समितियों की देखरेख में आयोजित होने वाला यह अभ्यास लगातार दो महीने यानी पूरे साठ कार्य दिवसों तक चलेगा। अभ्यास करवाने के लिए केवल मान्यता प्राप्त संस्था से सर्वोच्च योग्यता प्राप्त योग्य प्रशिक्षक को ही नियुक्त करने के सख्त आदेश दिए गए हैं। प्रतिदिन पैंतालीस मिनट से लेकर एक घंटे तक चलने वाले इस शारीरिक अभ्यास के दौरान विद्यालय की एक महिला शिक्षिका का उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।
प्रशिक्षण सफलता से पूरा होने के बाद छात्राओं की आठ अलग-अलग भार श्रेणियों में प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। छठी से आठवीं कक्षा के लिए पैंतीस, चालीस, पैंतालीस और पैंतालीस से अधिक किलोग्राम वर्ग तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए चालीस, पैंतालीस, पचास और पचास से अधिक किलोग्राम वर्ग तय किए गए हैं। विद्यालय स्तर पर प्रथम आने वाली उत्कृष्ट बालिकाएं विकास खंड स्तरीय मुकाबलों में भाग लेंगी। इसके पश्चात विजेता बालिकाएं ज़िला और अंत में राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। विकास खंड स्तर पर विजेताओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न तथा ज़िला और राज्य स्तर पर नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी खर्च सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएंगे।












