
तलवाड़ा (द स्टैलर न्यूज़)। बीबीएमबी अस्पताल तलवाड़ा में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुणदीप (एम.डी.) की नियुक्ति हुई है और उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। यह जानकारी मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति से क्षेत्र के लोगों को विशेष रूप से बच्चों के उपचार संबंधी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी ओर, बीबीएमबी के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत नवनियुक्त डॉ. गुणदीप (एम.डी.) ने वर्तमान मौसम को ध्यान में रखते हुए लोगों को डेंगू से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण सलाह जारी की है।

डॉ. गुणदीप ने बताया कि डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर आमतौर पर दिन के समय भी सक्रिय रहता है और घरों के आसपास जमा साफ पानी में पनप सकता है। बारिश के बाद पानी जमा होने वाले स्थान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू में सामान्यतः तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली या उल्टी तथा शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण हो सकते हैं। ये लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद दिखाई दे सकते हैं।
डॉ. गुणदीप ने विशेष रूप से कहा कि बुखार कम हो जाने को हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं समझना चाहिए। बुखार कम होने के बाद भी गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत सामने आ सकते हैं। यदि मरीज को तेज पेट दर्द, लगातार उल्टियां, नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी या मल में खून, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास पानी जमा न होने दिया जाए। कूलर, गमले, पानी की टंकियों, पुराने टायरों, डिब्बों तथा अन्य पानी जमा करने वाली वस्तुओं की नियमित रूप से सफाई की जाए और पानी वाले बर्तनों को ढककर रखा जाए। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर भगाने वाली दवा, पूरी बाजू के कपड़े तथा आवश्यकता अनुसार मच्छरदानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
डॉ. गुणदीप ने बताया कि मरीज को आराम करने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार बुखार की दवा लेने की आवश्यकता होती है। उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील की कि बच्चों में तेज बुखार या उपरोक्त लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं दवा देने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें। आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार रक्त जांच तथा अन्य आवश्यक परीक्षण करवाए जाएं। अंत में डॉ. गुणदीप ने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास पानी जमा न होने दे और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाए, तो डेंगू के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।












