
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीददारी और भारतीय निर्माताओं, लघु उद्योगों, कुटीर उद्योगों, किसानों, कारीगरों तथा स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। स्वदेशी उत्पाद न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते है, बल्कि रोजगार सृजन, युवाओं के भविष्य और भारत की आर्थिक स्वतंत्रता में भी महत्वपूर्ण योगदान देते है।पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को जन-आंदोलन बनाने के लिए आवश्यक है कि हम अपनी दैनिक खरीदारी में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। त्योहारों, विवाह समारोहों, घरेलू जरूरतों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कपड़ों, खिलौनों, उपहारों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद करते समय यह देखें कि भारतीय निर्माताओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण वस्तुऐ ही ख़रीदे।

उन्होंने कहा कि इस बार नवरात्रों से लेकर दिवाली तक त्योहारी सीज़न करीब 7 लाख करोड़ रु से अधिक कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है। परन्तु खेद की बात यह है इसमें से से अधिकतर वस्तुए चीन द्वारा निर्मित होती है। जिसका हमारे निर्माताओं, कारीगरों व दुकानदारों को कोई लाभ नहीं होता। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में चीन के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यपार करीब 128 अरब अमरीकी डॉलर रहा है। जिसमे से करीब 14 अर्ब डॉलर हमारे द्वारा निर्यात किया गया तथा करीब 113 अरब डॉलर चीन से आयात किया गया जिससे हमारा व्यपार घाटा लगभग 99 अरब रहा जॉकी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
चीन के अतिरिक्त अन्य देशो में भी त्योहारी सीज़न बहुत सी वस्तुए आयात की जाती है। यहां तक नई टेक्नोलोजी का सवाल है वह तो मजबूरन आयात करनी ही पड़ती है ,परंतु स्थानीय कारीगरों तथा छोटे दुकानदारों को प्रोत्साहित करने के लिए हमें भारतीय खिलौने , कपड़े ,हस्त शिल्प आदि घरेलू उत्पाद ही ख़रीदने चाहिए। उन्होंने लोगो से अपील की है देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए त्योहारी सीजन में स्थानीय निर्माताओं द्वारा निर्मित चीज़े ख़रीदकर हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भाग्यदारी सुनिश्चित करें।











