Saturday, October 24, 2026
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गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सख्ती से लागू करना जरूरी: संजीव अरोड़ा

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत विकास परिषद की एक विशेष बैठक परिषद के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में लगातार गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा वर्षा जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने पर विचार-विमर्श किया गया।

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इस अवसर पर संजीव अरोड़ा ने कहा कि जल ही जीवन है और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। लगातार गिरता भूजल स्तर भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए वर्षा के पानी को व्यर्थ बहने देने के बजाय उसे एकत्रित कर जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि घरों, व्यावसायिक इमारतों और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संरक्षण हो सके।

उन्होंने नगर निगम से अपील की कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित नियमों को सख्ती से लागू किया जाए तथा जहां नियमानुसार यह व्यवस्था अनिवार्य है, वहां इसकी स्थापना और रखरखाव की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। नए भवनों के निर्माण के दौरान वर्षा जल संचयन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक भवनों, पार्कों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी वर्षा जल संरक्षण के प्रभावी उपाय किए जाएं।संजीव अरोड़ा ने बताया कि इस अभियान को गति देने के लिए जल्द ही शहर की प्रमुख हस्तियों और सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा, ताकि लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ धरातल पर ठोस परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

परिषद के सदस्य लोकेश खन्ना  व राजिंद्र मोदगिल ने कहा कि वर्षा का पानी प्रकृति की अनमोल देन है। इसे संरक्षित करके भूजल स्तर में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। इस अवसर पर विजय अरोड़ा व दविंद्र अरोड़ा ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। पानी के अनावश्यक इस्तेमाल को रोककर और वर्षा जल संचयन को अपनाकर हम भविष्य में पानी की कमी की समस्या को कम करने में योगदान दे सकते हैं।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जल संरक्षण के लिए सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। सभी सदस्यों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर विजय अरोड़ा, लोकेश खन्ना, राजिंदर मोदगिल, दविंद्र अरोड़ा, दीपक नरूला, अश्वनी दत्ता,  जगदीश अग्रवाल, एन.के. गुप्ता, राज कुमार मलिक और नवीन कोहली उपस्थित थे।

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