
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। राहुल गाँधी नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विपक्षी दल तथा इंडी गठबंधन लगातार SIR के विरोध में आक्रमणक रवैये अपनाए हुए है। इस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है कि राहुल गाँधी मुख्य चुनाव आयुक्त से त्यागपत्र की मांग करके SIR को सवालों के घेरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे है। जबकि वास्विकता यह है भारतीय संविधान के अनुसार स्थापित किये गए चुनाव आयोग शुरू से ही एक अंतराल के बाद वो टर सूचि में संशोधन करते आये है। मौजूदा SIR में कुछ भी नया नहीं है।

मोदी सरकार के पास विपक्ष के खिलाफ कोई भी ठोस मुद्दा ना होने के कारण बेवजह वोट चोरी के आरोप लगाकर SIR के काम में अड़चन डालने की कोशिश राहुल गाँधी एंड कंपनी करते आ रहे है। विपक्ष द्वारा इस मामले को तूल देते हुए माननीय राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू को राहुल गाँधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ ज्ञापन दिया तो उनके द्वारा आरोपों के समर्थन में सबूत मांगने पर राहुल गाँधी ने 2 सप्ताह का समय मांगा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पिछले 8 -10 महीने से इन आरोपों को मुद्दा बना कर विपक्षी दल केवल अपनी राजनीतिक रोटियां ही सेकते रहे थे। अब 2 सप्ताह बीतने पर राहुल गांधी भी सबूत देने से भागते है दिखते है। आरोप झूठे तथा निराधार थे इसलिए लोकतांत्रिक संस्थायों को राहुल गांधी द्वारा बदनाम करना अत्यंत निंदनीय है। परंतु राहुल गाँधी और विपक्षी पार्टियां द्वारा वेबुनियाद आरोप बिना सबूतों के लगाने से उनको भारी किरकिरी झेलनी पड़ रही है।










