
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सामाजिक व प्राकृतिक वातावरण प्रेमी पी.के. राणा उर्फ ठाकुर वीर प्रताप राणा, अशवनी गैंद संस्थापक अध्यक्ष नई सोच संस्था, सुरेश भाटिया बिट्टू पूर्व पार्षद तथा अशोक शर्मा अध्यक्ष स्वर्णकार संघ ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक संयुक्त ब्यान में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने बड़े-बड़े वादों के साथ सत्ता हासिल की थी, लेकिन आज पंजाब के सामने आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। सरकार की नीतियों ने पंजाब को विकास की दौड़ में कई दशक पीछे धकेल दिया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब पर बढ़ता कर्ज, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, नशे का फैलाव, कानून-व्यवस्था की चुनौतियां और उद्योगों के सामने अनिश्चितता का माहौल राज्य की प्रगति पर सवाल खड़े कर रही हैं। पंजाब का युवा अपने ही प्रदेश में भविष्य तलाशने के बजाय विदेश जाने को मजबूर हो रहा है। यह स्थिति किसी भी सरकार के लिए आत्ममंथन का विषय होनी चाहिए। उन्होने कहा कि पंजाब की रीढ़ मानी जाने वाली कृषि व्यवस्था भी गंभीर संकट में है। गिरता भूजल स्तर, धान की खेती पर अत्यधिक निर्भरता और प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है। सरकार को किसानों, उद्योगों और आम जनता के साथ मिलकर भूजल संरक्षण और कृषि सुधारों की ठोस नीति बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल मुफ्त सुविधाओं, विज्ञापनों और राजनीतिक घोषणाओं से प्रदेश का भविष्य नहीं संवारा जा सकता। असली विकास वह है जिससे युवाओं को रोजगार मिले, उद्योग स्थापित हों, किसान खुशहाल हों, नशे पर नियंत्रण हो और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करे। उन्होने सरकार से सवाल किया कि आखिर पंजाब को कर्ज, बेरोजगारी, नशे और पर्यावरण संकट से बाहर निकालने की ठोस समयबद्ध योजना क्या है? उन्होंने कहा कि पंजाब को खोखले वादों की नहीं, बल्कि जवाबदेह शासन, पारदर्शिता और दूरदर्शी नीतियों की आवश्यकता है। पंजाब की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य राजनीतिक प्रयोगों की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।












