Friday, October 9, 2026
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जैन डे बोर्डिंग स्कूल में बैसाखी व संविधान निर्माता के जन्म दिवस पर समारोह आयोजित

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: मुक्ता वालिया। ऊना रोड स्थित एस.ए.वी. जैन डे बोर्डिंग स्कूल में बैसाखी की पूर्व संध्या और संविधान निर्माता डा. भीम राव अम्बेदकर के जन्मदिन को समर्पित स्पैशल एसैंबली का आयोजन जैन शिक्षा निधी के प्रधान यशपाल जैन के दिशा निर्देशानुसार स्कूल की डीन सुनीता दुग्गल की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर सीनियर विंग के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रोग्राम भी पेश किया गया। उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा बाली ने कहा कि वैसाखी प्राय: प्रति वर्ष 13 अप्रैल को मनाई जाती है किन्तु कभी-कभी यह 14 अप्रैल को आती है।

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बैसाखी का त्यौहार एक मौसमी त्यौहार है। यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है किन्तु पंजाब एवं हरियाणा में इसका विशेष महत्व है। यह त्यौहार सभी धर्मों एवं जातियों के द्वारा मनाया जाता है। बैसाखी मुख्यत: कृषि पर्व है। यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है इसके साथ-साथ वैसाखी सिखों का प्रसिद्ध त्यौहार है। सिखों के लिए यह पर्व मात्र फसल कटाई आगमन का त्योहार नहीं बल्कि सिख भाईचारे और एकता का प्रतीक भी है। वर्ष 1699 में इसी दिन सिक्ख गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिक्खों को खालसा के रूप में संगठित किया था।

वैसाखी के साथ साथ उन्होंने आज के दिन संविधान निर्माता डा.भीम राव अम्बदेकर के जन्म दिन पर भी बच्चों को बताया। डा. भीमराव अम्बेडकर को हमारे देश में एक महान व्यक्तित्व और नायक के रुप में माना जाता है तथा वह लाखों लोगों के लिए वो प्रेरणा स्रोत भी है। बचपन में छुआछूत का शिकार होने के कारण उनके जीवन की धारा पूरी तरह से परिवर्तित हो गई। जिससे उन्होंने अपने आपको उस समय के उच्चतम शिक्षित भारतीय नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया और भारतीय संविधान के निर्माण में भी अपना अहम योगदान दिया। भारत के संविधान को आकार देने और के लिए डा. भीमराव अम्बेडकर का योगदान सम्मानजनक है। उन्होंने पिछड़े वर्गों के लोगों को न्याय, समानता और अधिकार दिलाने के लिए अपने जीवन को देश के प्रति समर्पित कर दिया।

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