Saturday, October 10, 2026
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डाक्टरों पर हुए हमले के विरोध में होशियारपुर आई.एम.ए ने भी कार्य रखा पूर्ण तौर पर बंद

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: जतिंदर प्रिंस। इंडियन मैडिकल एसोसिएशन होशियारपुर के केंद्रीय निर्देश के अनुसार सदस्यों ने कोलकाता में डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में हड़ताल की। उन्होंने अस्पताल में ओ.पी.डी. व कार्यालय बंद रखे केवल आपातकाल स्थिति के मरीजों की ही जांच की गई। डॉक्टरों द्वारा अपने कार्यालयों को बंद करने के बाद स्थानीय होटल में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता डा. नरेश सूद, पूर्व प्रदेश प्रधान आई.एम.ए. पंजाब अध्यक्षता में हुई जिसमें कोलकता में हुए युवा डाक्टरों पर हमले की निंदा की गई।

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इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोई भी डॉक्टर यह नहीं चाहता कि उसके मरीज मर जाएं लेकिन किसी भी दुर्घटना होने के बाद अगर लोग हिंसा का सहारा लेकर डाक्टरों पर जानलेवा हमले किए जाएं तो वह स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ममता बेनर्जी ने घटना के 6 दिन बाद भी स्थिति को संभालने में कोई पुख्ता प्रयास नहीं किए गए। इस दौरान पूर्व प्रधान आई.एम.ए. पंजाब डा. कुलदीप सिंह ने घायल डाक्टरों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होंने केंद्र सरकार ने पॉक्सो एक्ट के अधीन डॉक्टरों पर हुए हमले के मामले में आरोपियों को सख्त सजा करने के लिए कड़े शब्दों में केंद्रीय अधिनियम बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि दो साल पहले अंतर मंत्रालयों को बनाया गया था, लेकिन इसकी सिफारिशें धूल फांक रही हैं।

डा. नरेश सूद ने कहा कि किसी भी चिकित्सा संस्थान में किसी भी तरह का काम कर रहे कर्मचारी का मनोबल तब गिरता है जब उसके विरोध में हिंसा दिखाई जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं के साथ डॉक्टर आपातकालीन मामलों को संभालने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रवृत्ति ऐसे ही जारी रहती है तो वह दिन दूर नहीं जब अस्पताल के डाक्टरों द्वारा गंभीर रोगियों को मना करना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को इस बात को समझना चाहिए कि किसी मामले में अगर मरीज की मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए डॉक्टरों की लापरवाही नहीं बताया जा सकता। जिसके लिए डाक्टरों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। इस दौरान आई.एम.ए. पंजाब के सचिव डा. विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना के बाद भी वहां के अधिकारियों द्वारा स्थिति को नहीं संभाला गया।

उन्होंने ममता बेनर्जी से अपील की कि वह वहां के डॉक्टरों की वास्तविक मांगों को स्वीकार करें। चेयरमैन मीडिया डा. अश्विनि. के जूनेजा ने मुख्यमंत्री बंगाल से अपील की कि मैडिकल कालेजों व इंस्टीट्यूट के लिए सिक्योरिटी लगाई जाए। इस उपरांत एसोसिएशन के सदस्यों की तरफ से कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, केन्द्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश, भाजपा उपाध्यक्ष अविनाश राये खन्ना को मांगों संबंधी ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अवसर पर डा. राजिंदर शर्मा, डा. अनूप कुमार, डा. टेक राज भाटिया, डा. प्रेम भारती, डा. बलजीत सिंह सैनी, डा. केशव सूद, डा. कुलदीप सिंह, डा. हरीश बसी, डा. जे.एस.दर्दी, डा. राकेश सिंगला, डा. अरविंद कुमार, डा. एच.एस.सैनी, डा. तरूण कपूर, डा. कंवलजीत कौर, डा. परमिंदर कौर सेठी, डा. सतीश अग्रवाल, डा. दलजीत सिंह खेला, डा. रजनीश मेहता, डा. राजीव वर्मा, डा. जे.एस.पूरेवाल, डा.एम.सी जैन,डा. जे.एस.धामी, डा. डा. बलविंदर जीत सैनी आदि मौजूद थे।

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