Sunday, October 18, 2026
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सरकारी स्कूलों के तकरीबन शत प्रतिशत विद्यार्थी कोरोना की महामारी के चंगुल से बचे

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने कोविड-19 की महामारी संबंधी स्कूली विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए नये मापदंड स्थापित किये हैं, जिसकी वजह से सरकारी स्कूलों के लगभग शत प्रतिशत विद्यार्थी इस महामारी के चंगुल से अभी तक बचे हुए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार द्वारा निचले स्तर पर प्रभावशाली और असरदार ढंग से लागू की गई इस व्यापक जागरूकता मुहिम के नतीजे के तौर पर ही इसके ठोस नतीजे प्राप्त हुए हैं और इस बीमारी के कारण सबसे प्रभावित होने वाला स्कूली बच्चों का यह वर्ग बचा रहा है।‘मिशन फतह’ के अधीन कोरोना के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस विशेष मुहिम की विस्तृत जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य भर के करीब 19 हज़ार स्कूलों के अध्यापकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पिछले दो हफ़्तों में दो बार घर-घर जाकर आम लोगों को कोरोना महामारी से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों संबंधी जागरूक किया गया। इस दौरान अध्यापकों ने आम लोगों को हाथ धोने के तरीके संबंधी बताने के साथ-साथ मास्क पहनने और घर से बाहर जाने के समय आपस में शारीरिक दूरी बनाकर रखने संबंधी जागरूक किया।

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इन सावधानियों के इस्तेमाल से कोविड-19 के फैलाव को रोकने संबंधी भी आम लोगों को विस्तार में समझाया गया। इस दौरान पैंफ्लेट बाँटे गए और आम लोगों को कोरोना प्रभावित मरीज़ के लक्षणों संबंधी जानकारी देते हुए मरीज़ के संपर्क में आने पर चौकसी बरतने और स्नेह भरपूर व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया। आम लोगों को घरों से ज़रूरी काम के समय ही बाहर निकलने की अपील करते हुए बुज़ुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने और सामाजिक समागमों के दौरान निर्धारित संख्या में लोगों की सभा संबंधी सरकारी हिदायतों की पालना करने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों सम्बन्धी वीडीओज़ और पोस्टरों के द्वारा भी विद्यार्थियों और अभिभावकों तक संदेशों को पहुँचाया गया। यहाँ तक कि इन पोस्टरों को विद्यार्थियों ने अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाया। अध्यापकों और अधिकारियों ने इस बीमारी संबंधी संवेदनशीलता पैदा करने के लिए ‘प्रण’ मुहिम भी आरंभ की, जिसके अधीन बीमारी से बचने के लिए लोगों को सरकरी हिदायतों की पालना करने के लिए प्रण लिया गया।

प्रवक्ता के अनुसार स्कूलों के अध्यापकों और विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर और स्कैच बनाकर भी कोरोना की महामारी की गंभीरता संबंधी जागरूक किया गया है। इस मुहिम के अधीन कारों और अन्य गाड़ीयों में ‘फट्टियाँ’ टाँगने के लिए बनाकर बाँटीं गईं। कोरोना संबंधी जगरूकता में और तेज़ी एवं शिक्षा में सुधार करने के लिए अब बड्डी ग्रुप का भी गठन कर दिया गया है, जिससे इस मुहिम के और प्रभावी नतीजे निकाले जा सकें। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस मुहिम के दौरान लोगों को अपने-अपने मोबाईलों में कोवा ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया और इस ऐप के ज़रिये मिलने वाली सेवाओं संबंधी भी अवगत करवाया गया।

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