Thursday, October 22, 2026
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पंजाब के परिवहन विभाग के लिए 2020 लोक समर्थकीय पहलकदमियों वाला साल रहा

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। साल 2020 के दौरान कोविड के बुरे दौर के बावजूद पंजाब के परिवहन विभाग ने कई ऐसी पहलकदमियां की हैं, जिससे आम लोगों को विभाग की सेवाएं लेने के लिए अब परेशान नहीं होना होगा। बहुत सी सेवाओं को डिजिटल कर दिया गया है और यह सेवाएं आसानी से ऑनलाईन प्राप्त की जा सकती हैं। पंजाब निवासी जहाँ अब डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए घर बैठे ही दस्तावेज़ जमा करवा सकते हैं वहीं निजी वाहनों को ट्रांसफर करने के लिए एन.ओ.सी. की ज़रूरत को ख़त्म कर दिया गया है।

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फैंसी नंबर लेने वालों के लिए भी पंजाब के परिवहन विभाग द्वारा ई-नीलामी सुविधा की शुरुआत की गई है।  इस सम्बन्धी ज़्यादा जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब में अब डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं और जिन लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस पुराने तरीके से (मैनुअल ड्राइविंग लाइसेंस) बने हुए हैं, वह भी अपने ड्राइविंग लाइसेंस अपग्रेड करवाकर डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सम्बन्धित रजिस्टरिंग अथॉरिटी कार्यालय जाना पड़ता था और आवेदनकत्र्ता को आवेदन पत्र और दस्तावेज़ों के साथ कई बार दफ़्तरों में चक्कर मारने पड़ते थे। इससे लोगों को बहुत सी मुश्किलें पेश आती थीं और कई बार उनका वित्तीय शोषण भी होता था। अब वैबसाईट www.punjabtransport.org के द्वारा ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया जा सकता है।  इसी तरह रिज़र्वड नंबरों (फैंसी नंबर) के लिए एक उपभोक्ता समर्थकीय ई-नीलामी नीति की शुरुआत की गई है, जिससे आम लोगों को रजिस्टरिंग अथॉरिटी के दफ़्तर जाने से छूट मिलेगी और वह अपने घर बैठे ही फैंसी नंबर प्राप्त करने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि आरक्षित नंबरों (फैंसी नंबरों) की ई-ऑक्शन वैब एप्लीकेशन ‘वाहन 4.0’ के द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-नीलामी में हिस्सा लेने के लिए हरेक आरक्षित नंबर के लिए 1000 रुपए की ना वापिस होने वाली रजिस्ट्रेशन फीस रखी गई है और बोली प्रक्रिया की पारदर्शिता को यकीनी बनाने के लिए, सफल और असफल बोली लगाने वालों के नतीजे ‘वाहन 4.0’ की वैबसाईट पर अपलोड किये जाते हैं और सफल बोली लगाने वालों को एस.एम.एस. और ई-मेल के द्वारा सूचित भी किया जाता है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि एक और लोक समर्थकीय फ़ैसले के अनुसार ग़ैर-परिवहन (निजी) वाहनों की ट्रांसफर के लिए एन.ओ.सी. की ज़रूरत को ख़त्म कर दिया गया है। वाहन की बिक्री आदि के मौके पर पंजाब में रजिस्टर्ड किसी भी निजी वाहन को राज्य में ही किसी अन्य रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास ट्रांसफर के मौके पर अब आवेदनकर्ता को असली रजिस्टरिंग अथॉरिटी से एन.ओ.सी लेने के लिए जाने की ज़रूरत नहीं है।

अब सारी प्रक्रिया एक ऑनलाइन प्रणाली ‘वाहन 4.0’ के द्वारा की जा रही है और वाहनों के साथ जुड़ी सारी जानकारी जैसे टैक्स, फीस और फिटनैस आदि रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास उपलब्ध होती है। इसलिए अब पंजाब में रजिस्टर्ड ग़ैर-परिवहन (निजी) वाहनों के ट्रांसफर के लिए वाहन मालिकों को एन.ओ.सी. लेने के लिए सम्बन्धित दफ़्तर में जाने की ज़रूरत नहीं है।  एक और पारदर्शी कदम उठाते हुए परिवहन विभाग ने पंजाब रोडवेज़ और पनबस के सभी डिपूओं में पुरानी और कंडम बसों की बिक्री ई-नीलामी के द्वारा करनी शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत अमृतसर-2 और फिऱोज़पुर डिपूओं से की गई है। उच्च सुरक्षित रजिस्ट्रेशन प्लेटों को लगाने की प्रक्रिया भी साल 2020 के दौरान जारी की गई है। अपने वाहनों पर यह नंबर प्लेटें लगवाने के लिए वाहन मालिक घर बैठे ही वैबसाईट www.punjabhsrp.in से ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते हैं। 

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