विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित पप्पू शास्त्री के निधन से सनातन धर्म को बहुत बड़ी क्षति पहुंची: पंडित सिकंदरपुर

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गगरेट (द स्टैलर न्यूज़)। विख्यात ज्योतिषाचार्य, वास्तुविद् और अंक शास्त्र एवं भविष्यज्ञाता पंडित पप्पू शास्त्री (जयपाल शर्मा) का निधन हो गया है। वह बीते एक माह से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने 9 मई रविवार सुबह 3 बजे गगरेट स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार रविवार प्रात: दस बजे शिवबाड़ी स्वा नदी पर उनके बेटे द्वारा कियाा यह । प्रदेश व देश में विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित पप्पू शास्त्री (63) वर्ष के थे वह पिछले एक माह से गंभीर रोगग्रस्त थे। फिलहाल चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार के बाद अपने गगरेट स्थित आवास पर लौट आये थे। रविवार सुबह 3 बजे उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली। ज्योतिषाचार्य पंडित पप्पू शास्त्री के देहावसान की सूचना मिलते ही उनके घर पर शोक व्यक्त करने को अनुयायियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों का तांता लग गया। कांगड़ा जिले की तहसील देहरा के गांव चलाली में वर्ष 1958 में पंडित वास देव शर्मा के घर उनका जन्म हुआ। उन्हें ज्योतिष विद्या एवं कर्मकांड का ज्ञान अपने पिता से मिला। जब वह बड़े हुए तो अपने पिताजी के साथ गगरेट में ज्योतिष कर्मकांड अंकगणित वास्तु शास्त्र का मार्गदर्शन लिया और गगरेट में ही ज्योतिषा का कार्य करना शुरू कर दिया उन्होंने अपने मन को पिता, गुरु एवं गाय की सेवा में अर्पित किया। 15 वर्ष की आयु तक वह ज्योतिष और कर्मकांड वास्तु शास्त्र में पारंगत हो गए।

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वह डेरा बाबा रूद्र नाथ जी के बहुत बड़े अनुयाई थे उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल जी का बहुत प्रेम था जब भी वह गगरेट में आते तो पंडित पप्पू शास्त्री जी को जरूर मिल कर जाते पप्पू शास्त्री जी ने प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के मुख्यमंत्री की भविष्यवाणी मुख्यमंत्री बनने सहित कई राजनीतिक भविष्यवाणी की जोकि सही साबित हुई है गत वर्ष पहले करोना महामारी के बारे में भी उन्होंने पहले ही बता दिया था कि विश्व में बहुत बड़ी मारा महामारी आएगी जिसमें जान और माल का बहुत नुकसान होगा उनके द्वारा कही गई बातें लगभग सही साबित हुई है उनसे कई राजनीतिज्ञों उनकी सलाह पर कार्य करते थे। वास्तु शास्त्र की दृष्टि से उद्यमियों ने देश के कई राज्यों में औद्योगिक कारखाने स्थापित किये। और वह उद्योग बहुत सफलता की बुलंदियों पर पहुंचे पिछले कई माह से बीमार होने के कारण वह ज्योतिष को अधिक समय नहीं दे पा रहे थे।

पंडित पप्पू शास्त्री अपने पीछे पत्नी सहित बेटा और दो बेटियों का भरा पूरा परिवार छोडक़र गए हैं और निधन पर अखिल ज्योतिष कर्मकांड के प्रधान सिकंदर पाल शास्त्री, पंडित सूरज प्रकाश,पंडित रमन मेहता व्यापार मंडल के उप प्रधान अरविंद चक्रवर्ती नेहरू युवा मंडल के प्रधान देवीलाल ट्रक यूनियन गगरेट के निदेशक भजनलाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पंडित पप्पू शास्त्री के निधन से सनातन धर्म के एक सितारे का अस्त हुआ है। जिसकी भरपाई बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हमें पंडित जी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलना चाहिए ताकि उनकी आत्मा को शांति पहुंचे। उन्होंने प्रभु से उन्हेें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।

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