Wednesday, October 14, 2026
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जिला मैजिस्ट्रेट की तरफ से शोर प्रदूषण पर पाबंदी

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला मैजिस्ट्रेट -कम -डिप्टी कमिशनर अपनीत रियात की तरफ से आचार संहिता 1973 (1973 एक्ट नं 2) की धारा 144 के अधीन प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला होशियारपुर की हद के अंदर शोर प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए पाबंदी के हुक्म जारी किये हैं। जारी हुक्म अनुसार कोई भी शोर प्रदूषण/ज्यादा शोर करने वाले यंत्रों, संगीत वाले और किसी तरह के आवाजी प्रदूषण, शोर, धमक पैदा करने योग्य और किसी भी तरह के पटाखों और आतिशबाजी चलाने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी होगी। यह पाबंदी केवल रंग पैदा करने वाले पटाखों और फुलझड़ियों पर लागू नहीं होगी। इसी तरह गाड़ीयों आदि में किसी तरह के प्रेशर हार्न, अलग-अलग संगीत वाले और किसी तरह का आवाजी प्रदूषण, शोर, धमक, ज्यादा आवाज पैदा करने वाले हार्न को बजाने पर पूर्ण तौर पर भी पाबंदी होगी। सिर्फ सरकार की तरफ से निर्धारित किये गए हार्न जो आवाजी प्रदूषण से रहित हों, ही निर्धारित आवाज में बजाऐ जा सकते हैं।

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इसके इलावा किसी भी गैर सरकारी इमारतों, व्यापारिक दुकानों, सार्वजनिक स्थानों, सिनेमोें, मालज़, होटल रैस्टोरैंट और मेलों आदि में ऊँची आवाज और धमक पैदा करने वाले म्यूजिक और अश्लील गीत चलाए जाने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी है। सायलैंस जोन जैसे कि मंत्रालय, इनवायरमैंट, वन, अस्पतालों, शैक्षिक संस्थाओं, अदालतों, धार्मिक संस्थाओं या कोई इलाका जो कि समर्थ अधिकारी की तरफ से सायलैंस जोन घोषित किया गया हो, के 100 मीटर के घेरे के अंदर आतिशबाजी/पटाखों/लाउड स्पीकरों/प्रेशर हार्न और शोर पैदा करने वाले यंत्रों के चलाने/लगाने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। इसी तरह खास हालत और मौकों के समय प्रबंधक, धार्मिक स्थानों /पंडालों में लाउड स्पीकर और अधिकारित मैरिज पैलसों में डीजे/आर्केस्टरा, सम्बन्धी उप मंडल मैजिस्ट्रेट से पंजाब इंस्ट्रूमैंट्स (कंट्रोल आफ नुआइस) एक्ट 1956 में दर्ज शर्तों सहित लिखित मंजूरी के बिना नहीं चलाऐंगे।


सम्बन्धित उप मंडल मैजिस्ट्रेट से अपेक्षित मंजूरी लेने के बावजूद भी माननीय सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया की तरफ से जारी दिशा -निर्देशों के अनुसार किसी की तरफ से भी किसी भी जगह पर चलाए जा रहे लाउड स्पीकरों/डी जे /संगीतक यंत्र/एड्रेस सिस्टम आदि की आवाज सीमा सम्बन्धी जगह के आवाजी स्टैंडर्ड सीमा निश्चित की गई है, जिसके अंतर्गत औद्योगिक अदारों में दिन के समय पर 75 डी बी (ए) और रात समय 70 डी बी (ए), कमर्शियल एरीए में दिन समय पर 65 और रात के समय 55, रिहायशी एरीए में दिन के समय पर 55 और रात के समय 45 और साइलेंस जोन में दिन के समय पर 50 डी बी (ए) और रात के समय 40 डी बी (ए) से अधिक नहीं होगी। इस पाबंदी का दिन के समय पर समय प्रातःकाल 6-00 बजे से रात 10 -00 बजे तक निश्चित किया गया है। यह हुक्म सरकारी मशीनरी और एमरजैंसी की स्थिति में लागू नहीं होगा।
 
जिला मैजिस्ट्रेट की तरफ से जारी हुक्मों के अनुसार पंजाब इंस्ट्रूमैंट कंट्रोल एक्ट 1950 की धारा 3 अनुसार कोई भी व्यक्ति या राजनैतिक पार्टी जलसे या जुलूस और रैली के दौरान सम्बन्धित उप मंडल मैजिस्ट्रेट की लिखित मंजूरी के बिना किसी भी ऐसे यंत्र या आवाजी प्रदूषण पैदा करने वाली सामग्री का प्रयोग दिन या रात के समय नहीं करेेगा, जिसकी आवाज उसकी सीमा से बाहर सुनती हो।
यह हुक्म 23 अगस्त, 2021 तक लागू रहेगा

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