
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़): भारत देश मे मानी जाती डोगरी भाषा की पहली आधुनिक कवयित्री पद्मा सचदेव का निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार वह एक बेहतरीन कवयित्री थी। उनके कई सारे लिखे हुई गीत अकसर लोगो दुारा सुने जाते है। इनकी पहचान एक कवयित्री होने के साथ- साथ एक उपन्यासकार की भी थी। सचदेव ने डोगरी भाषा के अलावा हिंदी भाषा मे कई सारे गीत लिखे हुए है जो कि सारे के सारे गीत लोकप्रिय है । 1971 मे सचदेव को मेरे ” कविता मेरे गीत ” के लिए अकादमी पुरस्कार मिला गया था। इसके अलावा सचदेव को वर्ष 2001 और 2007-08 में उनको मध्य प्रदेश सरकार के दूवारा कबीर सम्मान प्रदान किया गया था।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 मे डोगरी भाषा मे लिखी गई उनकी कृति ” चित्त चेते ” के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान से किया गया था। यह उनकी आत्मकथात्मक रचना है। सचदेव का जन्म जम्मु के पुरमंडल गांव मे 17 अप्रैल 1940 मे हुआ था। सचदेवा को बचपन से ही कविताएं लिखने का शौक था। जिसके कारण उसने 15 वर्ष की उम्र मे ही कविताएं लिखना शुुुरु कर दिया था। जिसके कारण 15 वर्ष की उम्र मे उनकी पहिली कविता प्रकाशित हुई । इसके अलावा उन्होने हिंदी सिनेमा के लिए भी कई सारे गीत लिखे थे।












