
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नववर्ष के पहले दिन सरकारी कालेज होशियारपुर में उस समय स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई जब कालेज परिसर में एकाएक शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार की गाड़ी आकर रुकी। शिक्षा सचिव साल के पहले दिन कालेज में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। समय पर पहुंचे स्टाफ जो सुबह की पहली धूप सेंकने में बिजी था वह तो क्लासों की तरफ निकल गया, वहीं जो लेट-लतीफे थे उनकी भी अच्छी खासी दौड़ लगी। परंतु जब तक कृष्ण कुमार जांच शुरू करते समय रहते सारा स्टाफ मौके पर पहुंच चुका था। इस दौरान कृष्ण कुमार ने कालेज में चल रहे विकास कार्यों संबंधी जानकारी हासिल की व विकास कार्यों में हुए खर्चों संंबंधी डाक्यूमैंट चैक किए व कुछ की कापियां अपने साथ ले भी गए ताकि गहनता से जांच हो सके।

शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार के आने की खबर मिलते ही कालेज का कुछेक सीनियर स्टाफ मौके पर पहुंच गया। निरीक्षण के साथ दिशा-निर्देश हासिल करने संबंधी साथ ही रहा। मामला तब भडक़ गया जब कृष्ण कुमार कालेज की लाईब्रेरी के पास पहुंचे। कालेज लगने के बाद भी दस बजे तक लाईब्रेरी के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका देख वह गुस्से में आ गए। उनका तर्क था कि यदि ऐसे ही लेट लतीफी चलेगी तो जो बच्चे लाईब्रेरी में पढऩे के लिए आते हैं वहां कहां जाएंगे तो मौके पर मौजूद स्टाफ ने उन्हें बताया कि लाईब्रेरी में तीन लोगों का स्टाफ है। वैसे तो लाईब्रेरी समय पर खुलती है पर इन दिनों सारे स्टाफ की इलैक्शन ड्यूटी लगी है और वह इलैक्शनों की ड्यूटी में जुटे हुए हैं और अतिरिक्त स्टाफ कालेज में कम है। जब इलैक्शन ड्यूटी संबंधी पत्ते खुले तो कृष्ण कुमार शांत हो गए। इस दौरान उन्होंने स्टाफ को निर्देश किए कि यदि कोई न भी हो फिर भी लाईब्रेरी जरुर खोलें ताकि बच्चों को परेशानी न हो।












