
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए जंगली जीवों की देखभाल ज़रूरी है, इसलिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार दोनों चिडिय़ाघरों के साथ-साथ वहाँ रहने वाले जानवरों की उपयुक्त देखभाल और रख-रखाव की ओर विशेष ध्यान दे रही है। इसके हिस्से के तौर पर, वन एवं वन्य जीव सुरक्षा विभाग ने राज्य भर के अलग-अलग चिडिय़ाघरों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए वन एवं वन्य जीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि इस साल मार्च से राज्य की बागडोर संभालने से लेकर अब तक नई सरकार द्वारा महेंद्र चौधरी ज़ूलोजीकल पार्क, छत्तबीड़ में 3 मांसाहारी जानवरों के बाड़ों का नवीनीकरण किया गया है, जिसमें उनके सही देखभाल के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा छत्तबीड़ चिडिय़ाघर में सैलानियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए मांसाहारी जानवरों के बाड़ों के सामने मेटल बैरियर भी बनाए गए हैं और चिडिय़ाघर के एंट्री गेट पर खुले में भी एजुकेशन प्लाज़ा भी बनाया गया है। इसके अलावा, चिडिय़ाघर की हद से 3 किलोमीटर लंबा सर्विस सर्कुलेशन पाथवे (बाड़ लगाकर) बनाया गया है।
पटियाला चिडिय़ाघर में चारदीवारी करके चीते और घडिय़ाल के बाड़े बनाने के साथ-साथ लुधियाना चिडिय़ाघर में कैफेटेरिया की सुविधा मुहैया करवाई गई है। मंत्री ने बताया कि बठिंडा के बीड़ तालाब चिडिय़ाघर में भी चारदीवारी कर दी गई है। जि़क्रयोग्य है कि छत्तबीड़ के एम.सी. ज़ूलोजीकल पार्क में विशाखापत्तनम चिडिय़ाघर से अलग-अलग किस्मों के जानवरों जैसे कि जंगली कुत्ता, लकड़बग्घा, ग्रे पैलीकन और बोनट मैकाक लाए गए हैं। इसी तरह मैसूर के चिडिय़ाघर से गौड़, इंडियन ग्रे वुल्फ, हिमालयन गोरल, सारस क्रेन, ब्लैक स्वान, लेडी ऐमहस्र्ट फीज़ैंट लाए गए हैं।












