
होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़) रिपोर्ट – गुरजीत सोनू। सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से गांव बूथगढ़ में मुखी माता सुभदरा देवी जी के नेतृत्व में संत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवचन करते हुए गढ़शंकर के संयोजक महात्मा कवि दत्त जी ने कहा कि सतगुरू की शरण में जाकर जब इंसान को इस परमात्मा की जानकारी होती है तो इंसान के सारे ही बहमों व भर्मो की समाप्ति हो जाती है। उन्होंने कहा कि सन्त बड़े परमार्थी शीतल इनके अंग।’ सन्त सत्य को जानते हैं। सत्य यह सर्वव्यापी निरंकार है, इसको जानने से जन्म-मरण के दुखों से निवृत्ति होती है।

संसार के संगी-साथी स्वार्थी हैं, जो सुख में पास आते हैं और दुख में दूर रहते हैं। सन्त जलते हुए संसार में शीतलता बांटते हैं। सन्त परमार्थी हैं, सुख-दुख में सदा साथ रहते हैं। परमार्थी जीवनपर्यन्त सबका मंगल करते हैं, परमार्थ में ही अपना जीवन अर्पित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि चौरासी लाख यूनियों के बाद यह मानव जीवन मिला है, जिसे सबसे उत्तम योनी कहा गया है क्योंकि मानव जीवन में ही इस परमात्मा को जाना जा सकता है। परमात्मा सभी का पालन पोषण करता है, इसको जानना भी जरूरी है। जो हम सभी का मालिक है, सारा कुछ निराकार की रजा में ही होता है।
उन्होंने कहा कि सतगुरु की शरण में जाकर इस परमात्मा की जानकारी हो सकती है। अंत में मुखी माता सुभदरा देवी जी ने आए हुए महात्मा कवि दत्त जी व अन्य संतो महात्माओं का धन्यवाद किया। इस अवसर पर मुखी प्रेम सिंह अज्जोवाल, मुखी बहन नछतर कौर माहिलपुर, कैप्टन हरी राम, सुनील कुमार, राम लुभाया, हुसन लाल, जी.एल. सरोया, सुखदेव, सोहन लाल सैनी, विपन, अनूज आदि उपस्थित थे।












